मुजफ्फरपुर। अहियापुर से ना’बालिग पोती को मिठनपुरा में डेरा पर ले जाकर अ’श्लील ह’रकत करने के मामले में दो’षी दादा ओमप्रकाश उर्फ रामप्रकाश को पांच साल क’ठोर का’रावास की स’जा सुनाई गई है। उसे 50 हजार रुपये जु’र्माना देना होगा।
जु’र्माना नहीं देने पर एक साल का क’ठोर का’रावास की स’जा भु’गतनी होगी। ओमप्रकाश स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त कर्मी हैं। वह परिवार से अलग मिठनपुरा में किराये के मकान में रहता था। मामले के सत्र-विचारण के बाद विशेष पाक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने उसे यह सजा सुनाई।
इस मामले में विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) अजय कुमार ने कोर्ट के समक्ष साक्ष्य पेश किया बताया जाता है कि घ’टना तीन जुलाई 2020 की है। अहियापुर थाना क्षेत्र की पी’ड़िता ने महिला थाने में प्रा’थमिकी दर्ज कराई थी।
इसमें कहा था कि उसका दादा मिठाई खिलाने का ला’लच देकर उसे अपने साथ मिठनपुरा डेरा पर ले गया। वहां ले जाकर उसके साथ अ’श्लील ह’रकत की। दादा ने उसे माता-पिता को यह बात नहीं बताने की हि’दायत भी दी।
पाक्सो एक्ट की दो धाराओं में सुनाई गई सजा : विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) अजय कुमार ने बताया कि दो’षी ओमप्रकाश को पाक्सो एक्ट की धारा-आठ के तहत पांच साल क’ठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना व पाक्सो एक्ट की धारा-10 के तहत पांच साल क’ठोर का’रावास व 30 हजार रुपये जु’र्माना की स’जा कोर्ट ने सुनाई है। का’रावास की दोनों स’जा साथ-साथ चलेगी। पीड़िता को बिहार प्रतिकर अधिनियम के तहत लाभ देने के लिए कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को अ’नुशंसा भेजी है।




