बिहार : पटना में 10 लाख की आबादी पर केवल 87 हॉस्पिटल, जानें और जिलों का हाल

बिहार के बड़े शहरों में आबादी अधिक है, किंतु मरीजों के इलाज को लेकर अस्पताल कम हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में सरकारी अस्पतालों की असमान व्यवस्था से मरीजों को तत्काल इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की जगह रेफर किए जाने वाली व्यवस्था बनी हुई है।

FIR lodged against 3 hospitals in Lucknow, patients were recovering more

स्वास्थ्य विभाग नए मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की स्थापना व स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं में वृद्धि की कोशिश कर रहा है, लेकिन मरीज अब भी परेशानी झेलने को मजबूर हैं। विभाग के अनुसार बिहार में कुल, 12 हजार 338 सरकारी अस्पताल हैं।

इनमें स्वाथ्य उपकेंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल शामिल हैं।

राज्य में प्रति दस लाख की आबादी पर 119 सरकारी अस्पताल हैं। इनमें प्रति दस लाख की आबादी पर सीतामढ़ी में 78 व दरभंगा में सबसे कम 83 अस्पताल हैं, जबकि पटना जैसे बड़े शहर में मात्र 87 अस्पताल संचालित हैं।

जबकि, इसके विपरीत प्रति दस लाख की आबादी पर शिवहर में सर्वाधिक 166 सरकारी अस्पताल हैं। गोपालगंज में 88 व सुपौल में 95 संस्थान संचालित हैं।

वहीं, प्रति दस लाख की आबादी पर जमुई में 180, शेखपुरा में 173, मधेपुरा में 158, पश्चिमी चंपारण में 155, नालंदा में 153, मुंगेर में 147, बांका में 143, भागलपुर में 144 स्वास्थ्य संस्थान हैं।

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