बिहार में अवैध बालू खनन का बड़ा नेटवर्क है। इसमें शामिल कई IPS और BPSC के अधिकारी जांच एजेंसियों की कार्रवाई की जद में आ चुके हैं। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक मुजफ्फरपुर में भी बालू का अवैध खनन जोर शोर से चल रहा है जिसमें पुलिस संलिप्त है।

काली कमाई के लालच में पुलिस बालू माफिया को मदद कर सरकारी राजस्व को चूना लगा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस की निगहाबानी में बूढ़ी गंडक से अवैध खनन कर बड़े पैमाने पर लोकल बालू निकाला जा रहा है। हर रात लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। विशेष शाखा ने इसकी खुफिया रिपोर्ट के साथ अवैध खनन का वीडियो भेजकर प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट कराया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि नदी में अवैध खनन के बाद निकलने वाले लोडर व डंपर आदि गाड़ियों के आगे पुलिस की गश्ती जीप भी देखी जा रही है। खुफिया रिपोर्ट में पिलखी, गायघाट और अहियापुर के संगमघाट के पास पुलिस के सामने नदी से अवैध बालू खनन की बात कही गयी है। संगमघाट के पास फोरलेन पर पुलिस गाड़ियां होती है और नीचे नदी में जेसीबी से बालू खनन होता है।

गश्ती पुलिस के सामने से बालू लदे ट्रैक्टर निकलते हैं। रिपोर्ट में इसके सापेक्ष वीडियो व फोटो भेजा गया है। जिला खनिज पदाधिकारी घनश्याम झा ने बताया कि नदियों से अवैध खनन पर कार्रवाई के लिए स्थानीय थाने की पुलिस को भी जिम्मेवारी सौंपी गई है।

रात में अवैध खनन को रोकने और बालू लदी गाड़ियों को पुलिस जब्त कर रिपोर्ट दें तो खनिज पदाधिकारी अवैध खनन करने वालों से राजस्व की वसूली करेंगे। इसके लिए एफआईआर भी दर्ज करायी जायेगी। बीते 18 फरवरी को एसडीओ पूर्वी के नेतृत्व में छापेमारी दल ने अहियापुर थाना के दादर में जेसीबी से लोकल बालू खनन को लेकर छापेमारी की थी। इसमें दो जेसीबी और एक ट्रैक्टर जब्त किया गया था। बालू खनन करने वालों के खिलाफ 50 लाख रुपये के राजस्व हानि की एफआईआर दर्ज की गई है।

इस तरह गायघाट, पिलखी और संगम घाट में अवैध खनन से करीब एक करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व हानि का अनुमान है। अहियापुर थाने में अवैध खनन के आधा दर्जन से अधिक केस दर्ज कराए गए हैं। इसमें माफिया बिना नंबर की गाड़ियों से लोकल बालू ढोते पकड़े गये थे। एफआईआर के बाद अबतक गाड़ी मालिकों को चिह्नित कर कार्रवाई नहीं की गई है। इससे अवैध खनन में लगे माफिया पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। 
मुजफ्फरपुर एसएसपी जयंतकांत अ’वैध खनन में पुलिस की संलिप्तता से इनकार करते हैं। एसएसपी कहते हैं कि पुलिस की मौजूदगी में कहीं भी बालू खनन नहीं हो रहा है। पता चलने पर गाड़ियां जब्त की जाती हैं। अवैध खनन के मामले में खनिज पदाधिकारी को कार्रवाई के लिए फोर्स उपलब्ध कराया जाता है।