होली के मौके पर एक तरफ जहां पटना पुलिस और मद्य निषेध विभाग की टीम श’राब के धं’धेबाजों के खि’लाफ का’र्रवाई की रणनीति बनाकर उसे अमलीजामा पहनाने में जुटी थी तो वहीं दूसरी तरफ राजधानी पटना में होली को लेकर ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली श’राब बनाई जा रही थी। चो’री-छिपे तरीके से श’राब बनाकर इसकी सप्लाई भी की जा रही थी। सबसे बड़ी बात तो यह थी कि काम करने का तरीका पहले से सेट था।

श’राब बनाने से लेकर इसे आपूर्ति करने तक के लिए एक पाइप लाइन तक बना दी गई थी। इसी के माध्यम से अ’वैध तरीके से श’राब बनाने और उसे बांटने का काम चल रहा था लेकिन पटना पुलिस को किसी तरह इसकी भ’नक लग गई। पुलिस ने मिली सूचना के आधार पर इस मामले में का’र्रवाई कर दी पुलिस ने मौके पर अवैध रूप से बनाए गए श’राब के अड्डे पर छापेमारी की बल्कि वहां से बड़े पैमाने पर बनाए गए नकली श’राब बनाने का रॉ मटेरियल के अलावा कई दूसरे सामानों को ज’प्त कर लिया।

पुलिस ने वहां से धं’धे से जुड़े कई लोगों को पकड़ लिया है और हि’रासत में लिए गए लोगों से स’ख्ती से पूछताछ की जा रही है। शराब बनाने और उसे बेचने का मामला राजधानी के पत्रकार नगर इलाके का है. दरअसल शनिवार को पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो को इसकी जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने इतनी बड़ी का’र्रवाई की है। पटना पुलिस के अधिकारी फिलहाल पूरे मामले का खु’लासा नहीं कर रहे हैं।

एसएसपी की मानें तो किसी ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली श’राब बनाने का काम किया जा रहा था। जिन लोगों को पुलिस ने अपनी हि’रासत में लिया है उनसे पूछताछ करने के बाद बहुत सारी बातें निकल कर सामने आई हैं। कई लोगों की पहचान का पुलिस ने पता लगाया है।

उनकी नि’शानदेही पर ही पटना के कई जगहों पर छापेमारी शनिवार की देर रात तक चल रही थी। श’राब बनाने के लिए स्पिरिट की सप्लाई कहां से हुई थी, बो’तल कहां से ढूंढ कर लाए गए थे, और कितने और कहां से रैपर छपवा गए थे इसके अलावा श’राब की पैकिंग कैसे की जा रही थी इन सारी बातों त’फ्तीश करने में पटना पुलिस जुटी हुई है।
