पटना : पटना हाई कोर्ट ने बर्खास्त संस्कृत शिक्षक को राहत देते हुए उन्हें फिर से बहाल करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की एकल पीठ ने सोमवार को याचिकाकर्ता चंद्रभूषण प्रसाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया।

याचिकाकर्ता शिक्षक के अधिवक्ता संतोष कुमार ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 1981 में याचिकाकर्ता को सहायक संस्कृत शिक्षक के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में उन्हें प्रोन्नति देकर प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया,

लेकिन 38 वर्षों के बाद अचानक 22 फरवरी 2019 को बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के सचिव ने शिक्षक की नौकरी से बर्खास्त करते हुए अब तक भुगतान की गई राशि की वसूली का आदेश जारी कर दिया।
याचिकाकर्ता ने इसी आदेश को चुनौती देते हुए 2019 में हाई कोर्ट के समक्ष रिट याचिका दायर की थी। उक्त याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने संस्कृत शिक्षक के बर्खास्तगी आदेश को गलत पाते हुए उन्हें फिर से बहाल करने का आदेश दिया।

हाई कोर्ट ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के सचिव को 24 मार्च को तलब किया है। न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने डा. अखिलेश कुमार की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने 21 फरवरी को बिहार लोक सेवा आयोग को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया था।
