दरभंगा। युवाओं के लिए रोजगार के लिए एक सुअवसर मिथिला व संस्कृत यूनिवर्सिटी की ओर से उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां अब बहाली की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जिसमें युवा हिस्सा लेकर अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी के मौके प्राप्त कर सकते हैं। तृतीय व चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की बहाली शुरू होने जा रही है। इसके बारे में विस्तृत जानकारी वेबसाइट या कार्यालय में उपस्थित होकर हासिल किया जा सकता है। यहां से सेवा शर्तों की जानकारी भी मिल जाएगी।
विश्वविद्यालयों में तृतीय वर्ग के पदों पर संविदा पर कर्मचारी बहाल होंगे। साथ ही तृतीय वर्ग के पदों पर आउटसोर्स से आने वाले कर्मचारी काम नहीं कर सकेंगे। सिर्फ चतुर्थ वर्ग के पदों पर ही आउटसोर्स से कर्मचारी रखें जा सकते है।

ललित नारायण मिथिला और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में तृतीय वर्ग के पदों पर अब सीधे संविदा पर कर्मचारियों की बहाली होगी। इन पदों पर निजी कंपनियों की ओर से आउटसोर्स पर दिए जानेवाले कर्मचारियों की सेवा नहीं ली जाएगी। तृतीय वर्ग के पदों पर संविदा के आधार पर कर्मचारियों की बहाली की जाएगी।
इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग बिहार सरकार की निदेशक रेखा कुमारी ने बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को पत्र जारी किया है। बताया है कि विश्वविद्यालयों द्वारा आउटसोर्सिंग के मद में राशि की मांग की गई है। सभी विश्वविद्यालयों से सामान्य प्रशासन विभाग एवं विभागीय निर्देशों के आलोक में तृतीय वर्ग अंतर्गत स्वीकृत पदों के विरुद्ध संविदा पर कर्मचारियों को रखने का निर्देश जारी किया गया है।

विभागीय पत्र में बताया गया है कि सभी विश्वविद्यालय तृतीय वर्ग अंतर्गत स्वीकृत पदों के विरुद्ध रिक्त पदों के संबंध में पत्र प्राप्ति के एक माह के अंदर प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। वहीं चतुर्थ वर्ग अंतर्गत स्वीकृत पद के विरुद्ध आवश्यकतानुसार प्रक्रिया का पालन करते हुए आउटसोर्सिंग से कर्मियों को रखा जाएगा। शिक्षा विभाग ने अपने पत्र में बताया है कि उपरोक्त कार्रवाई के बाद ही विश्वविद्यालय के आंतरिक स्रोत से प्राप्त आय एवं उससे हुए व्यय की समीक्षा की जाएगी।
तभी आउटसोर्सिंग के लिए राशि की स्वीकृति पर विचार किया जाएगा। मिथिला विश्वविद्यालय में तृतीय वर्ग के पदों पर आउटसोर्स पर दो दर्जन से अधिक कर्मचारी अपनी सेवा दे रहे हैं। इसी तरह कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में भी तृतीय वर्ग के पदों पर आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी रखे गए हैं।
अब तृतीय वर्ग के पदों पर आउटसोर्सिंग से रखे गए कर्मचारियों के भुगतान में समस्याएं आ सकती हैं। हालांकि चतुर्थ वर्ग के पदों पर आउटसोर्स से बहाल कर्मचारियों को किसी भी तरह की समस्याएं नहीं झेलनी पड़ेंगी। उन्हें पूर्व की तरह ही भुगतान किया जाएगा।

