बिहार : ऐतिहासिक बिहार विद्यापीठ परिसर के अवैध कब्जे पर रविवार को बुलडोजर चला। यहां अवैध रूप से रह रहे 42 मकान और 15 दुकानें ध्वस्त कर दी गईं। इससे विद्यापीठ के विकास का रास्ता साफ हो गया है।
पटना हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बिहार विद्यापीठ ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया था। जिसके बाद पांच बुलडोजर रविवार सुबह वहां पहुंच गए। सबसे पहले कैंपस में बनीं अवैध दुकानें ध्वस्त की गईं।
इसके बाद एक-एक कर 42 करकटनुमा मकान तोड़ दिए गए। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने विरोध भी जताया पर प्रशासन और पुलिस ने उनकी एक न सुनी। मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात सदर डीसीएलआर शशि शेखर की देखरेख में कार्रवाई की गई। हंगामे की आशंका के चलते वहां काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए थे।
इसके अलावा विद्यापीठ में कार्यरत कर्मचारियों के परिवार परिसर में बने दूसरे भवन में रह रहे थे, उन्हें भी खाली करा लिया गया है।
प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के स्मारकों से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान बिहार विद्यापीठ में अतिक्रमण का मामला उठा था। तब हाईकोर्ट ने बिहार विद्यापीठ को प्रशासन के समक्ष कागजात प्रस्तुत करने को कहा था। इसकी जांच के बाद प्रशासन को उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी थी। इसीके बाद यह कार्रवाई की गई है।

