समस्तीपुर: इस समुदाय की है अपनी अदालत, अपना है कानून, जानें….

समस्तीपुर। कुरेड़ियार समाज का अपना कानून है। उसकी अपनी अदालत है। इनका कोई भी मामला चाहे वह हत्या का ही क्यों ना हो, वो थाना-कचहरी में नहीं पहुंचता है। इसके लिए लोग स्वयं अपनी अदालत लगाते हैं और अपना फैसला खुद देते हैं। जिसे सभी को मानना ही पड़ता है। इसकी स्पष्ट झलक वारिसनगर प्रखंड के गोही-रामपुर विशुन गांव स्थित गाछी में सात दिवसीय पंचायत में देखने को मिली।

यहां दरभंगा तथा समस्तीपुर के लोग जुटे हैं। पंचायत के पहले दिन मुख्य फैसलेदार सुफल धामी, बहादुर धामी व रुदल धामी ने पंचायत में पहुचे लोगों से हाल चाल जाना व समस्या सुनी। इस संबंध मे नरेश धामी, भगत धामी, गुप्ता धामी, संतोषी धामी ने बताया कि लगभग दो वर्षों पर समस्तीपुर व दरभंगा जिले के हमारी जाति के लोगों के पंचायत का आयोजन होता है। यह सात दिनों तक चलेगा।

बताया कि मंगलवार से सभी समस्या को बारी-बारी से पंचायत में रखा जाएगा। उनकी बातों को आठ दिन बाद नेपाल के जयनगर स्थित जातीय मुख्य अदालत में उठाया जाएगा। जहां उनकी समस्या पर फैसला सुनाया जाएगा। वे कहते हैं कि मुगलकाल से ही हमारी अपनी संस्कृति, अपनी सभ्यता चली आ रही है। आज भी पूरे बिहार मे लाखों के तादाद मे घुमन्तु जाति के लोग अपनी संस्कृति के रूप मे महासभा पंचायत का आयोजन करते हैं।

जुर्माने की रकम को जमा कर समाज के विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सभी पक्ष व पंच जमीन पर गोला बनाकर बैठ जाते हैं। एक तरफ पंच तो सामने वादी-प्रतिवादी। सिपाही आरोपियों को पकड़कर लाता है फिर अदालत में सजा सुनाई जाती है।

 

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