बिहार : छपरा में अ’पराधियों ने पुजारी की ह’त्या कर रामजानकी ठाकुरबाड़ी मंदिर से करोड़ों रुपए की मू’र्तियां लेकर फ’रार हो गए। सोमवार रात ओपी थाना क्षेत्र के अफौर पोखड़ा का यह मा’मला है। सुबह जब ग्रामीण पहुंचे तो देखा कि मंदिर का मुख्य द्वार खुला हुआ है तथा बक्से में रखा सामान बिखरा पड़ा है।

पुजारी गोरखदास को जमीन पर पड़े हुए थे। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नगरा ओपी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंची पुलिस ने श’व को जब कब्जे में लेना चाहा तो ग्रामिणों ने कहा कि ह’त्या और चो’री की इस गंभीर घ’टना के खुलासे के लिए पहले मौके पर डॉग स्क्वायड को बुलाया जाए।
पुलिस ने ग्रामीणों की बात को मानते हुए छपरा से डॉग स्क्वायड टीम को बुलाया। फिर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पो’स्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं जांच के दौरान डॉग स्क्वायड टीम को भी कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी।
स्थानीय लोगों ने बताया की एक माह पूर्व ही इस मंदिर के पूर्व महंथ रामशरण दास के निधन होने के बाद महंत गोरखदास को सिसवा मंठिया के मठ से बुलाकर पुजारी की जिम्मेदारी दी गई थी। रामशरण दास के बाद गोरखदास को रामजनकी मंदिर का महंत बनाया गया था।
मृ’तक गोरखदास की कोई सं’तान नहीं है। लोगों का कहना है कि चोरी हुई मूर्ति की कीमत करोड़ों की है। वहीं रामजानकी मंदिर के नाम से बैंक और पोस्ट ऑफिस में खाता था, जिसका पासबुक भी अ’पराधी अपने साथ ले गए।
