शुक्रवार के शाम घाटों पर भगवान सूर्य को अर्घ देने के लिए भारी संख्या में छठ व्रतीयों का जमावड़ा बिहार के विभिन्न नदी तालाबों के किनारे देखने को मिला। पूजन सामग्रियों से भरे डाला, सूप, चंगेरा, दउरा अपने सिर पर लेकर छठ घाट पर व्रतधारी ने गंगा में उतर कर भगवान सूर्य को अर्घ दिया।


चैती छठ पर गुरुवार को अस्ताचलगामी और उदीयमान भगवान सूर्य को विभिन्न छठ घाटों, अस्थायी तालाबों और घर की छतों पर पानी में खड़े होकर व्रतियों ने अर्घ दिया और परिवार के मंगल, सुख-समृद्धि व पुत्र के दीर्घायु होने की कामना की। आज सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ के बाद पारण के साथ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान पूरा हुआ।

पहुंचे। पूजन सामग्रियों से भरे डाल, सूप, चंगेरा, दउरा अपने सिर पर लेकर छठ घाट पर व्रतधारी ने गंगा में उतर कर भगवान सूर्य को अर्घ दिया।
चैती छठ पर गुरुवार को अस्ताचलगामी और उदीयमान भगवान सूर्य को पटना के विभिन्न छठ घाटों, अस्थायी तालाबों और घर की छतों पर पानी में खड़े होकर व्रतियों ने अर्घ दिया और परिवार के मंगल, सुख-समृद्धि व पुत्र के दीर्घायु होने की कामना की।

आज सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ के बाद पारण के साथ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान पूरा हुआ।

