राजनीति में कभी भी कुछ भी संभव है, यह बात हमेशा कही जाती रही है। यही बात एक बार फिर तब सिद्ध हो रही है, जब जदयू ने आरजेडी को बड़ा झटका देते हुए आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के छोटे बेटे इंजीनियर अजीत सिंह को अपने पाले में कर लिया।
जी हां, आज की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर यही है कि जगदानंद सिंह के छोटे बेटे इंजीनियर अजीत सिंह ने जदयू ज्वॉइन करने का फैसला कर लिया है। 12 अप्रैल को जदयू प्रदेश कार्यालय में विधिवत तरीके से इंजीनियर अजीत सिंह जदयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
अजीत सिंह ने बताया कि पिता जगदानंद सिंह के आरजेडी में रहने के कारण वे आरजेडी के साथ एक कार्यकर्ता के रूप में जुड़े थे। आरजेडी भी समाजवादी सोच की पार्टी है और जदयू भी। आरजेडी में सीखने को अब बहुत कुछ नहीं है
लेकिन नीतीश कुमार ने जिस ढंग से पिछले 15 साल शासन चलाया है, उसके बाद ऐसा लगता है कि उनके साथ सीखने का ज्यादा मौका मिलेगा। यही कारण है कि आरजेडी छोड़कर वे जदयू की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं।

जगदानंद सिंह के छोटे बेटे अजीत सिंह के जदयू में शामिल होने के फैसले से परिवार की टूट की बात पर अजीत सिंह ने कहा कि इस फैसले से परिवार में कोई टूट नहीं होगी। हमारे पिता ने सभी बच्चों को खुद फैसले लेने की हमेशा छूट दे रखी है।
हमारे बड़े भाई सुधाकर सिंह जो अभी आरजेडी के विधायक हैं, वे कभी बीजेपी में शामिल थे। तब भी कोई दरार नहीं थी। यह फैसला राजनीतिक है, परिवारिक नहीं होगा।