झारखंड रोप-वे हा’दसे की द’र्द भरी कहानी: 45 घंटे बेटी करती रही दु’आ आंखों के सामने 2500 फीट से गिरी मां

दे‌‌‌वघर के त्रिकुट रोप-वे हा’दसे में चार लोगों की मौ’त हो गई। इनमें शोभा देवी भी शामिल हैं। जिं’दगी की जिस डोर को वो 45 घंटों तक थामें बैठी थीं, उसी में उलझ कर उनकी मौ’त हो गई। ये सब हुआ उनकी बेटी की आंखों के सामने। 2500 फीट ऊपर मां फंसी थी और नीचे बेटी दो दिनों से हर पल अपनी मां की सलामती की दुआ मांग रही थी।रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हर शख्स के सकुशल निकलने के साथ ही शोभा देवी की बेटी की उम्मीद बढ़ रही थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। रेस्क्यू के दौरान शोभा देवी का सेफ्टी बेल्ट रोप-वे तार और रोलर के बीच फंस गया और वो सैंकेड़ों फीट गहरी खाई में गिर गईं।बेटी को जहां बूढ़ी मां के सही सलामत आने की आस थी, उसने अपनी आंखों से ये पूरा मंजर देखा। अब उसके आंसू थम नहीं रहे हैं, अपनी मां को याद कर वो बार-बार रो रही है।कभी परिजन तो कभी जवानों से लगाती गुहार

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अपनी मां की वापसी की राह देख रही बेटी नीचे कभी अपने लोगों के पास तो कभी सेना के जवानों के पास दौड़ कर जाती। कहती कि उस ट्रॉली में उनकी बूढ़ी मां भी हैं। वो बूढ़ी हैं उनका ख्याल रखिएगा प्लीज। उन्हें सुरक्षित निकाल तो लिया जाएगा। उन्हें सेना के जवान भी दिलासा देते रहे कि उन्हें कुछ नहीं होगा वो पूरी तरह सुरक्षित उनके पास लौट आएंगी।रविवार शाम से मंगलवार दोपहर हो चली थी। उनके 7 परिजन में 6 को लगभग सुरक्षित निकाल लिया गया था। अब वो भी आश्वस्त हो चली थीं। ठीक 12 बजे के आसपास सेना के जवानों ने उनकी मां को भी ट्रॉली से निकाला। शोभा देवी को सेफ्टी बेल्ट बांध ट्रॉली से बाहर निकाला गया, पर बेल्ट रोप-वे के तार व रोलर के बीच फंस गया। सेना के जवान उन्हें निकालने की जद्दोजहद कर ही रहे थे कि शोभा देवी की जिंदगी की डोर टूट गई। वह मुंह के बल सैंकड़ों फीट नीचे खाई में गिर गईं।

मौत के बाद लगाने लगीं गंभीर आरोप

यह सब उनके कलेजे के टुकड़े के सामने हुआ। मां को मौत के मुंह में जाता देख उन्होंने आपा खो दिया। वो सेना के जवानों पर लापरवाही का आरोप लगाने लगीं… प्रशासन को कोसने लगीं… मीडिया के कैमरे को तोड़ने लगीं… बस वह यकीं नहीं कर पा रही थीं कि 48 घंटे की जद्दोजहद के बाद उनकी मां जिंदगी की लड़ाई हार गईं… उनके सिर से मां का साया छिन गया। खाई से निकाल कर घायल शोभा देवी को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए NDRF और ITBP को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। खाई में गिरने के बाद भी उनकी सांसें चल रही थीं। NDRF और सेना की टीम जिस रास्ते से उन्हें एंबुलेंस तक ला रही थीं भीड़ भी अचानक उसी रास्ते की ओर दौड़ पड़ी। कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सुरक्षा बलों ने लोगों को खदेड़कर रास्ता बनाया था, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके।

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