बिहार में पुलिस की दामन पर एक बार फिर से दाग लगा है। दरअसल वाहनों से अ’वैध वसूली करने के चक्कर में पुलिस की टीम कब अपने जिले से दूसरे जिले में जा घु’सी इसका पता नहीं लगा था फिर क्या था लोगों ने देखा तो जमकर फजीहत हुई और अंत में थानेदार सहित एक दारोगा पर कार्रवाई भी हुई और उनको स’स्पेंड कर दिया गया।
पुलिस की वसूली का ये खेल बांका में हुआ जहां जनता ने धनकुण्ड पुलिस को कमाई करते रंगे हाथों धर दबोचा। बांका जिले के धनकुण्ड थाना की पुलिस क्षेत्र की सीमा से तीन किलोमीटर अंदर भागलपुर के कमालपुर पैसे वसूलने जा पहुंची थी। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
वीडियो संहौला-जगदीशपुर मार्ग के कमालपुर गांव का है जहां ग्रामीणों ने पुलिस के साथ जमकर बदतमीजी की और आगे से वाहनों से पैसे की वसूली नहीं करने की चेतावनी भी दी. ग्रामीणों का आरोप है कि धनकुण्ड पुलिस बड़े वाहनों से पैसे की वसूली करते-करते भागलपुर जिले के संहौला थाना क्षेत्र के कमालपुर पहुंच गई।
लोगों की नर पुलिस द्वारा पैसे की वसूली पर पड़ी तो आक्रोशित भीड़ ने थाना के सरकारी वाहन पर बैठे पुलिसवालों को घेरकर बंधक बना लिया। एक पुलिस पादधिकारी के वाहन से बाहर आकर लोगों से कुछ बात करने के बाद लोगों ने पुलिस टीम को जाने दिया, बावजूद जाते-जाते पुलिस वालों को लोग पैसे कि वसूली नहीं करने की चेतावनी देते देखे गए।
दरअसल इस मार्ग से बालू, छर्री, ईंट और कोयले की ढुलाई बड़े वाहनों से होती है जिसको लेकर पुलिस पर अवैध उगाही के हमेशा आरोप लगते रहता है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते हुए पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पादधिकारियों तक भी पहुंच गया।
वायरल वीडियो की जांच करायी गई जिसमें पुलिस वाले दोषी पाये गए। इसके बाद कार्रवाई करते हुए धनकुण्ड थनाध्यक्ष अभिनंदन सिंह और वाहन में मौजूद एसआई शिव कुमार सुमन को एसपी अरविंद कुमार गुप्ता ने निलंबित कर दिया है।