मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की ओर से सत्र को पटरी पर लाने की कोशिश एक बार फिर से विफल हो गई है। स्नातक तृतीय वर्ष का परीक्षा परिणाम तीन माह बाद भी जारी नहीं किया जा सका है। इससे महीने के अंत में बीएड में नामांकन के लिए शुरू हो रही आवेदन प्रक्रिया में शामिल होने से हजारों की संख्या में छात्र वंचित हो सकते हैं।
परिणाम जारी होने से पहले ही इस बार बड़ी गड़बड़ी पकड़ में आई है। परीक्षकों की ओर से कापियों के मूल्यांकन के बाद जो अंक लिखा गया ओएमआर पर उसे ठीक तरीके से भरा नहीं गया। अंक में अलग और शब्द में अलग होने से परिणाम अपलोड होने से पूर्व ही मामला पकड़ में आ गया।
परीक्षा नियंत्रक डा.संजय कुमार ने बताया कि कोशिश हो रही है कि शीघ्र परिणाम को सुधारा जाए, लेकिन इसमें समय लगेगा। दोबारा इस प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही परिणाम जारी किया जाएगा। बताया कि करीब 10 हजार कापियों में अंक लिखने में गड़बड़ी हुई है।
ऐसे में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अगले सत्र में बीएड में नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो रही है। इससे छात्र-छात्राएं परेशान हैं। कारण यह है कि आवेदन के समय स्नातक तृतीय वर्ष का अंकपत्र अपलोड करना पड़ता है।
पिछले वर्ष भी विद्यार्थियों के सामने यह परेशानी आई थी। इसके बाद विभाग ने आनन-फानन परिणाम जारी किया था। बता दें कि स्नातक सत्र 2018-21 के तृतीय वर्ष की परीक्षा 20 दिसंबर से शुरू होकर 13 जनवरी तक हुई थी। पांच जिलों में 35 केंद्रों पर परीक्षा का संचालन किया गया था।
