मुजफ्फरपुर में AES का अलर्ट के बाद भी अस्पतालों में ला’परवाही, रोका गया फार्मासिस्ट का वेतन

सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी एइएस को लेकर मुजफ्फरपुर में पीएचसी स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। प्रभारी सीएस डाॅ एसपी सिंह ने रविवार को कांटी और मड़वन पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। उन्हें सूचना मिली थी कि चिकित्सक व कर्मी हाजिरी नहीं बना रहे है। उन्हें पीएचसी में कई अनियमितता मिली। मड़वन का प्रबंधक हाजिरी बही कमरे में बंद कर फरार मिला। परिसर में गंदगी का भी अंबार दिखा।

एम्बुलेंस का सहायक मरीज को ओटी तक लाने के लिए मांगता है पैसे

एक ने सीएस को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि एम्बुलेंस का सहायक मरीज को ओटी तक लाने के लिए एक सौ रुपये की डिमांड करता है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए जवाब तलब किया। सीएस ने तत्काल मड़वन के प्रबंधक का एक सप्ताह का वेतन अवरूद्ध करते हुए पीएचसी प्रभारी का भी एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। वही कांटी में भी फार्मासिस्ट हाजिरी बही बंद कर गायब था। उन्होंने प्रभारी, फार्मासिस्ट व प्रबंधक की एक सप्ताह का हाजिरी काटने का निर्देश दिया।

13 लोगों के फोन का रिस्पांस नहीं मिला

प्रभारी सीएस ने बताया कि कि एइएस को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी न.शनिवार को 13 लोगों के फोन का रिस्पांस नहीं मिला. उसके बाद वह रविवार को खुद तीन पीएचसी में जाकर निरीक्षण किए.मोतीपुर में फोन ठीक था, लेकिन शनिवार को वहां पर रिस्पांस नहीं मिला था। इसलिए प्रभारी को चेतावनी दी गयी कि हर हाल में इमरजेंसी में सारी तैयारी रहनी चाहिए।  उन्होंने कहा कि दर्पण एप पर हाजिरी बनाना और उसमें अपना फोटो भेजना है।

दर्पण प्लस पर यहां नहीं बनी हाजिरी

मोतीपुर, बोचहां, कुढ़नी, पारू, सरैया व सदर अस्पताल की हाजिरी नहीं बनी हुई थी। इन लोगों को चेतावनी दी गयी।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मड़वन का हाल

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मड़वन में रविवार की सुबह आठ बजे सिविल सर्जन ने औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र में एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी को छोड़ कोई नहीं था. उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, पीएचसी प्रभारी, स्वास्थ्य प्रबंधक सहित अन्य कर्मियों के बारे में पूछताछ की मगर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।  उन्होंने गुस्से में आकर चतुर्थवर्गीय कर्मी को भी वहां से चले जाने की बात कही. उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया।

सीएस ने अस्पताल के चारों ओर गंदगी का अंबार देख नाराजगी जतायी।  निरीक्षण के दौरान उन्होंने रोस्टर की भी मांग की लेकिन चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी रोस्टर देने में असमर्थता जतायी. एसीएमओ सह प्रभारी सिविल सर्जन डॉ सुभाष प्रसाद सिंह ने बताया कि राज्य से प्रतिदिन सुबह में एइएस को लेकर पीएचसी को कॉल किया जाता है लेकिन कई दिनों से पीएचसी में कोई कॉल नहीं उठा रहा था। इसकी शिकायत मिलने पर सुबह में औचक निरीक्षण किया गया है।

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