मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में चल रहे स्मॉर्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नाला-सड़क निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से कोहराम मचा हुआ है। स्थिति यह है कि नाला के लिए खोदे गए गड्ढ़े और हल्की बारिश के बाद जलजमाव के कारण राहगीर गली-कुचों से निकलने को मजबूर।

जगह-जगह जाम लगने के कारण लोगों को भारी असुविधा हो रही है। खासकर शहर के व्यावसायिक इलाके व व्यस्त रोड में जहां-तहां गड्ढ़ा खोदकर छोड़ने व नाला निर्माण की धीमी गति के कारण लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। जहां लोगो का आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


शहरवाशियों से पूछे बजाने पर उनका कहना है की ये लगभग शनिवार के दिन से ही ऐसी स्थिति बानी हुई है। जगह – जगह गड्ढ़ा खोद दिए गए है, पर अभी तक खोदे हुए गड्ढों पर कोई निर्माण कार्य की शुरुआत तक देखने को नहीं मिल रहा। टावर स्थित यु.वी टावर के नजदीकी हालत ऐसी है की कई दूकानदारों को दूकान तक बंद करना पड़ रहा।

कोरोना की स्थिति पिछले दो सालों से बनी हुई है जिसमे दुकानदारों के दूकान लगभग कई महीनों तक बंद थे। इस बिच सड़क चौड़ीकरण को लेकर एक बार फिर से दूकान बंद किये जाने के कारण दुकानदार परेशान है। दुकानदारों का कहना है की लग्न का समय है इसमें दूर- दूर से लोग खरीदारी करने शहर आते है इस बिच दूकान बंद होने से व्यापार ठप पड़ गया है।

हालात यह है गड्ढे खोदे जाने के कारण सड़क पर भारी जाम के साथ ही गड्ढ़े में गिरने का खतरा बना हुआ है। सरैयागंज टावर रोड के दुकानदारों ने बताया कि वे अपने खर्च पर बांस की चचरी का निर्माण कराकर दुकान के आगे लगाए है। ताकि ग्राहक को आने-जाने में असुविधा न हो। फिर भी गड्ढे में हर समय गिरने का डर बना रहता है। शहर की स्थिति पूछे जाने पर शहरवाशियों ने मुजफ्फरपुर स्मार्टसिटी को नरकीय सिटी बताया।

शहर के मुख्य मार्केट मोतीझील, अमर सिनेमा रोड, कंपनीबाग रोड, सरैयागंज टावर रोड, कलमबाग चौक, अघोरिया बाजार, स्टेशन रोड, चंद्रलोक चौक, इमलीचट्टी बस स्टैंड समेत कई स्थानों पर नाला निर्माण के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर रामभरोसे छोड़ दिया गया है।

इसके कारण राहगीरों को हर समय गड्ढे में गिरकर घायल होने का डर सता रहा है। यहां तक कई राहगीर गड्ढ़े में गिरकर चोटिल हो चुके है। वहीं निगम प्रशासन की ओर ठोस पहल नहीं की जा रही है।