मुजफ्फरपुर। शहरवासियों को जलजमाव की पीड़ा से मुक्ति दिलाने के लिए शहर के विभिन्न वार्डो से होकर गुजरने वाले फरदो नाले की पूर्ण उड़ाही की जा रही है। उड़ाही का काम निविदा के माध्यम से बहाल निजी एजेंसी कर रही है।
एजेंसी एक माह से आधुनिक मशीनों की मदद से उड़ाही के काम में लगी है। इधर, दो दिन पूर्व नगर भवन में हुई बोर्ड की बैठक में नगर विधायक विजेंद्र चौधरी, महापौर ई. राकेश कुमार एवं कई पार्षदों ने नाले की उड़ाही को लेकर सवाल करते हुए नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय को कठघरे में खड़ा कर दिया था।
नगर विधायक ने बैठक में आरोप लगाया था कि बिना प्रशासनिक स्वीकृति के फरदो नाले की उड़ाही निविदा के माध्यम से कराई जा रही है। निविदा निकालने से पूर्व किसी की अनुमति नहीं ली गई।
इसकी जांच होनी चाहिए। महापौर ने भी उनकी बातों का समर्थन किया। विधायक के आरोप पर उप महापौर समेत अधिकांश पार्षद मौन रहे।
स्मार्ट सिटी के कार्यक्रम से बाहर गए नगर आयुक्त बैठक में शामिल नहीं थे। लौटने के बाद उन्होंने नाले की उड़ाही पर सवाल खड़े करने वालों को आईना दिखाया है।
