मुजफ्फरपुर। काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के छाता चौक के निकट स्नातक के छात्र 22 वर्षीय यासिर अराफात की ह’त्या के मुख्य आ’रोपित गोलू सिंह ने कोर्ट में स’रेंडर कर दिया है। कोर्ट ने गोलू को न्यायिक हि’रासत में जे’ल भेज दिया। बताया जाता है कि आधा दर्जन के खि’लाफ प्रा’थमिकी द’र्ज हुई थी।
इस साल सात जनवरी की शाम काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के माड़ीपुर निवासी यासिर अराफात की छाता चौक के निकट गो’ली मा’रकर ह’त्या कर दी गई थी। गो’लीबारी में उसका साथी रेहान गंभीर रूप से घायल हो गया था।

यासिर की मां शबनम खातुन के बयान पर एलएस कालेज के ड्यूक हास्टल के छात्र गोलू सिंह सहित आधा दर्जन आ’रोपितों के खि’लाफ नामजद प्रा’थमिकी दर्ज की गई थी। अन्य ना’मजद आ’रोपित गि’रफ्तार किए जा चुके हैं।

जांच के दौरान तीन अन्य की भी संलिप्तता पुलिस के समक्ष आई थी। इन तीनों को पुलिस ने अप्राथमिकी आ’रोपित बनाया है। सभी की गि’रफ्तारी के लिए पुलिस छा’पेमारी कर रही है। मामले के आइओ दारोगा संजीव कुमार दुबे ने बताया कि इन तीनों के अलावा अन्य की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

आइओ संजीव कुमार दुबे के अनुसार गोलू की गि’रफ्तारी के लिए कोर्ट से वा’रंट जारी कराया गया था। इसके आधार पर चंपारण तक छा’पेमारी की गई थी, लेकिन वह प’कड़ में नहीं आया। कोर्ट से उसके खि’लाफ इश्तेहार जारी कराया गया था। उसके घर पर इश्तेहार चस्पा किया गया था। इश्तेहार कोर्ट को लौटाकर उसकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश लेने के लिए तीन-चार दिनों में कोर्ट में अर्जी दाखिल करने की तैयारी की जा रही थी। इसकी भनक गोलू को लग गई थी। संपत्ति के कुर्क से बचाने के लिए उसने कोर्ट में स’रेंडर कर दिया।
