बिहार : शीतल पेय के नाम पर मीठा ज’हर ग’टक रहे लोग

जमुई : भीषण गर्मी के प्रकोप व चिलचिलाती धूप के तपन से निजात पाने के लिए हर व्यक्ति विभिन्न प्रकार के जतन करता दिखाई दे रहा है। तापमान का पारा तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण अब शीतल पेय पदार्थ व बोतलबंद पानी की मांग बढ़ने लगी है। इसमें शीतल पेय पदार्थ को अधिक महत्व दिया जाता है। गर्मी के मौसम में नगर मुख्यालय के कचहरी चौक, महाराजगंज बाजार, झाझा बस स्टैंड, महिसौडी चौक बाजार बस,टेंपो स्टैंड, बोधबन तालाब टेंपो स्टैंड, पुरानी बाजार, के अलावे शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर शीतल पेय पदार्थों की कई दुकानें खुली हैं।

भीषण गर्मी व चिलचिलाती धूप के कारण ग्राहकों में बढ़ोतरी हुई है। लोग प्यास बुझाने के लिये शीतल पेय पदार्थों के दुकानों पर खरीदारों की भीड़ देखी जा रहीहै। इन स्थानों पर आमरस से लेकर गन्ना रस ,  दही, मट्ठा व लस्सी, कुल्फी , रंग बिरंगे आइसक्रीम, खीरा, तरबूज ,ककडी सहित निम्न स्तर के सोडा वाटर,मिनरल वाटर के नाम पर अमानक स्तर के बोतलबंद पानी का बिक्री हो रहा है। रसायनिक पदार्थो के मिश्रण से बनी शीतल पेय के रूप में अमानक स्तर के जूस के दुकानों पर लोगों को बीमारियां परोसी जा रही है।

इन स्थानों पर रख रखाव के उचित साधन नहीं हैं। भीड़भाड़ वाले चौक चौराहे पर शीतल पेय पदार्थ की दुकानें खुली हैं। इन स्थानों पर वाहनों की धमाल चौकड़ी मची रहती हैं। इसके साथ ही उक्त वस्तुओं में रासायनिक मिश्रण पदार्थों का ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आम के जूस की दुकान पर इतनी कम दर पर एक गिलास जूस पिलाया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह आम का रस, रासायनिक पदार्थों को मिलाकर बनाया जाता है। उसमें नाम मात्र के लिए आम का उपयोग किया जाता है। सभी पेय पदार्थों में बर्फ का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है।

यह बर्फ शुद्ध पानी से बनाया जा रहा है या नहीं, इसकी चिन्ता करने वाला कोई नहीं है।पेय पदार्थों को लेकर इन स्थानों पर आमजनों के आवागमन का भी भारी दबाव रहता है लेकिन सामग्रियों को ढंका हुआ नहीं रखा जा रहा है, बल्कि ये सामग्रियां खुले में ही रखी होती हैं। इन पर मिट्टी – धूल के कण जमा हो रहे हैं। इन वस्तुओं के निर्माण में शुद्ध पानी का उपयोग भी नहीं किया जा रहा। इन मिलावटी सामग्रियों के पास मक्खियां भी भिनभिनाती हुईं देखी जा सकती हैं। दुकानों में बिकने वाले पेय पदार्थों की शुद्घता और स्वच्छता को लेकर दुकानदार भी अंजान बने हुए हैं।

एक ओर जहां शीतल पेय पदार्थों की बिक्री बढ़ चुकी है। वहीं दूसरी ओर इन दिनों शीतल पेय के नाम पर सड़क किनारे खुले में धूल-प्रदूषण के बीच जो खुलेआम लोगो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए दिखाई देते हैं। वर्तमान समय में मौसमी बीमारी दूषित पेय पदार्थ से ही पीलिया, टाइफाइड,, पेट से संबंधित गंभीर बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। मौसमी बीमारी के लिए खानपान को प्रमुख कारण माना जा रहा है। चिकित्सकों द्वारा भी सलाह दी जाती हैं कि गर्मी के दिनों में खानपान में विशेष सावधानी बरतना चाहिए। खुले में शीतल पेय पदार्थ के सेवन से बचना चाहिए।

बावजूद इसके संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा किसी तरह की कार्यवाही नहीं की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अमले ने कभी भी शहर में बिकने वाली खाद्य सामग्रियों के संदर्भ में कोई जागरूकता अभियान नहीं चलाया। सबकी आंखों के सामने खुले रूप से बीमारियों को आमंत्रित करने वाले इन एक पदार्थ बिक्री करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नगर परिषद के द्वारा कोई शक्ति व कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।ऐसी दशा में शहर में खाद्य सामग्री का अवैध कारोबार करने वालों के हौंसले बुलंद है।

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