कोसी नदी नाव हादसे में लापता युवती का श’व ब’रामद : 12 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं पहुंचा कोई सरकारी तंत्र

सुपौल में कोसी नदी में रविवार शाम हुए नाव हा’दसे के 13 घंटे बीत जाने के बाद भी सरकारी तंत्र से कोई सुविधा नहीं पहुंची है। ग्रामीण स्तर से स्थानीय गोताखोर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। रविवार देर रात अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा था। सोमवार को अहले सुबह से ग्रामीणों ने फिर खोजबीन शुरू कर दी है। इस दौरान लापता दोनों लड़कियों में से एक माला कुमारी का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, दूसरी लड़की की खोजबीन जारी है।

सोमवार की सुबह ग्रामीण स्तर से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में वार्ड नंबर-15 खुखनाहा निवासी भागवत राय की 16 वर्षीय पुत्री माला कुमारी का शव दुर्घटना स्थल से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर बरामद हुआ। वहीं दूसरी घोघररिया पंचायत के वार्ड नंबर-7 निवासी अमरेंद्र यादव की 14 वर्षीय पुत्री काजल कुमारी की खोजबीन जारी है। वहीं लापता लड़कियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना मरौना प्रखंड के नदी थाना क्षेत्र अंतर्गत घोघररिया पंचायत के घोघररिया घाट के सामने रविवार की रात हुई। नाव पर 12 लोग सवार थे। इनमें से 10 लोग तैरकर बाहर निकल गए। जबकि, दो लड़की नदी में डूबकर लापता हो गई थीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि नाव पर सवार सभी लोग कोसी नदी पार कर रहे थे।

लोगों ने बताया कि जैसे ही घाट पर नाव पहुंचने वाली थी। अचानक बीच कोसी नदी की मुख्यधारा में नाव में पानी भर गया और नाव डूब गई। इसमें घोघररिया पंचायत के वार्ड नंबर-7 निवासी अमरेंद्र यादव की 14 वर्षीय पुत्री काजल कुमारी एवं वार्ड नंबर-15 खुखनाहा निवासी भागवत राय की 16 वर्षीय पुत्री माला कुमारी नदी में बह गई। लोगों ने कहा कि नाव छोटी थी और उस पर 12 लोग सवार थे। बाकी लोग तैरकर बाहर निकल गए।

स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना अंचलाधिकारी समेत थाना को रात ही दे दी थी, लेकिन 13 घंटे बीत जाने के बाद भी न ही गोताखोर की टीम पहुंची ओर न ही कोई सरकारी अधिकारी। ग्रामीणों ने स्थानीय गोताखोर की मदद से देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन रात काफी हो जाने के कारण सफलता हाथ नहीं लगी। सोमवार की अहले सुबह पुनः रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। वहीं नदी थाना की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर कैम्प कर रही है।

वहीं इस बाबत जब निर्मली के अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार सिंह पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रात में ही अंचल अधिकारी को निर्देशित कर दिया गया था। घटनास्थल पर पहुंच जायजा भी लिया था, जहां तक एनडीआरएफ के रेस्क्यू ऑपरेशन की बात है तो उसका प्रोटोकॉल होता है सूर्यास्त के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाती है। सुबह से एनडीआरएफ की गोताखोर टीम खोजबीन में जुट गई है। वहीं ग्रामीणों की आरोप की बात पर उन्होंने कहा कि जिसको जो मन होता है बोल देता है।

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