पटना : चुनावी भाषण से जुड़े एक मामले मेंं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव बुधवार को वैशाली की एक अदालत में वर्चुअल तरीके से पेश हुए। लालू यादव पर चुनाव प्रचार अभियान के दौरान एक भाषण में जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप है। वैशाली की एक अदालत ने 7 साल से भी ज्यादा पुराने मामले में लालू यादव की बुधवार को पेशी हुई।

बता दें कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद चुनावी भाषणों में जातिसूचक टिप्पणी को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन माना जाता है। कोर्ट में पेश हुए लालू प्रसाद यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। इस मामले में लालू यादव के खिलाफ कुछ दिनों पहले आरोप तय किए गए थे। बता दें कि हाल में ही लालू यादव को चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में जमानत मिली थी और अब एक अन्य मामले में उनके खिलाफ आरोप तय कर सुनवाई शुरू की गई है।

वर्चुअल तरीक से वैशाली की अदालत में पेश हुए लालू यादव ने चुनाव भाषण में जातिसूचक टिप्पणी करने के आरोप को नकार दिया है। अब इस मामले में गवाहों का ट्रायल चलेगा। इसके तहत गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। बता दें कि लालू यादव ने वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के तेरसिया घाट में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया था।

आरोप है कि इस दौरान लालू यादव ने कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी की थी। अब इसी मामले में ट्रायल शुरू हो गया है। बुधवार को लालू यादव इसी मामले में कोर्ट में पेश हुए थे। आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े इस मामले में अब गवाहों का ट्रायल शुरू होग।

लालू यादव को इस मामले में मिल चुकी है जमानत
चुनाव आदर्श संहिता उल्लंघन के मामले में लालू प्रसाद यादव को कुछ दिनों पहले जमानत मिली थी। साथ ही इस मामले में उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे। अब तकरीबन सात साल पुराने इस मामले में ट्रायल शुरू किया गया है। लालू यादव की पेशी के बाद इस मामले में गवाहों का ट्रायल चलेगा।

इस दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से चुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू हो जाता है। इस दौरान अन्य प्रावधानों के साथ ही द्वेष फैलाने वाले बयानों को भी आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है।