पटना में बुधवार दोपहर अनियोजित कार्यपालक सहायक सड़क उतर गए। नियोजन की मांग को लेकर वे बीपीएमएम कार्यालय पहुंचे और जमकर बवाल किया। इस दौरान एक कार्यपालक सहायक ने पुलिस के सामने ही अपने ऊपर केरोसिन डालकर जान देने की कोशिश की।

वहां मौजूद पुलिस ने उसे रोक लिया। आत्मदाह की कोशिश करने वाले सहायक समेत 3 को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आक्रोशित अभ्यर्थी इतने से भी नहीं माने और हंगामा करने लगे।

काफी समझाने के बाद जब अभ्यर्थी नहीं मानें तो पुलिसकर्मियों ने उन पर लाठीचार्ज किया। हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों को पुलिस ने सचिवालय थाने भेज दिया। गिरफ्तार होने वाले अभ्यर्थियों के नाम सुजीत कुमार (छपरा), राहुल कुमार (समस्तीपुर), इंदल ठाकुर (मोतिहारी) शामिल हैं।

अभ्यर्थी रवि कुमार ने बताया कि साल 2018 में कार्यपालक सहायक के लिए बिहार के अलग-अलग जिलों में लगभग 1 हजार के करीब सीट पर बहाली निकली थी। इसके बाद मेरिट लिस्ट बनाई गई। इसमें हर जिले से 1 हजार अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट में रखा गया था।

इसके बाद हर जिले में आधे अभ्यर्थियों की बहाली उसी वक्त हो गई थी और हम आधे अभ्यर्थियों की नियोजन नहीं की गई है। जिसके बाद हम लोग कब से प्रदर्शन करते आ रहे हैं। लेकिन अब तक हमारी नियोजन नहीं हुई। आज हम लोग यहां करो या मरो की लड़ाई लड़ने आए हैं।
