मोतिहारी। विश्व के सबसे ऊंचे (270 फीट) रामायण मंदिर के निर्माण कार्य का शुभारंभ अक्षय तृतीया के दिन तीन मई को कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया में होगा। इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस पर करीब पांच सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
जरूरत पडऩे पर अतिरिक्त राशि की भी व्यवस्था होगी। इस बाबत महावीर मंदिर न्यास, पटना के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने मीडिया को जानकारी दी। यहां पहुंचे किशोर कुणाल ने कहा कि इस मंदिर में रामदरबार और विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों के अलावा विशाल शिवलिंग भी स्थापित होगा।
यह विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा। इसकी ऊंचाई और गोलाई 33-33 फीट होगी। मंदिर निर्माण कार्य को लेकर आचार्य कुणाल ने यहां एक बैठक भी की। इसमें निर्माण कार्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
आचार्य ने कहा कि अब कहीं कोई समस्या नहीं है। नए स्ट्रक्चरल डिजाइन वाले इस मंदिर की आयु नए संसद भवन की तरह कम से कम 250 वर्ष की होगी। मंदिर परिसर में एक जलाशय का भी निर्माण होगा।
इसकी लंबाई 800 फीट व चौडाई 400 फीट होगी। इसे गंगा सागर के नाम से जाना जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए दिल्ली, ओडिशा सहित अन्य राज्यों से आधुनिक मशीनें मंगाई जा रही हैं। इससे निर्माण कार्य में काफी सहयोग मिलेगा। निर्माण के लिए ढाई साल की अवधि तय की गई है।
