महाराष्ट्र पुलिस ने गुरुवार को धुले में एक स्कॉर्पियो वाहन से करीब 90 तलवारों-खंजरों का जखीरा जब्त किया और चार लोगों को गिरफ्तार किया। वाहन को मुंबई-आगरा राजमार्ग पर पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, वे लोग इन हथियारों को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से ला रहे थे, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इसे कहां ले जाया जा रहा था।


इस घटना ने राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेताओं ने सवाल किया है कि कांग्रेस शासित राज्य (राजस्थान) से हथियारों से लदी एक गाड़ी मुंबई क्यों लाई जा रही है? नेताओं ने आशंका जताई है कि मुंबई में आगामी दिनों लाउडस्पीकर विवाद को लेकर महाराष्ट्र नव निर्माण सेना एक बड़ी रैली करनी वाली है, इसे लेकर ही ये हथियार मुंबई लाए जा रहे थे।

धुले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि स्कॉर्पियो वाहन को सोंगिर गांव से रोका गया था और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हथियार कहां जा रहे थे? पुलिस टीम को वाहन की तलाशी लेने पर 89 तलवारें और एक खंजर मिला। इसके बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इन लोगों को हिरासत में लेने के लिए स्थानीय अदालत में पेश करेगी।

स्थानीय सोंगिर पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ निरीक्षक ने कहा कि आरोपियों ने उन्हें बताया है कि वे जालना के रहने वाले हैं और उन्हें बेचने के लिए वहां तलवार ले जा रहे थे। अधिकारी ने कहा, “हम चित्तौड़गढ़ में स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट से यह पता लगाने के लिए जांच करेंगे कि उन्होंने तलवारें कहां से खरीदीं और क्या उनके पास आवश्यक अनुमति है?”

राजनीतिक बयानबाजी शुरू
धुले में पकड़े गए हथियारों के जखीरे पर भाजपा नेता राम कदम ने सवाल किया है कि कांग्रेस शासित राज्य से तलवारें मुंबई क्यों लाई जा रही हैं और सवाल किया कि क्या वे किसी पर हमला करने या राज्य में अशांति पैदा करने के लिए हैं। भाजपा नेता आशीष शेलार ने पूछा है कि इतनी तलवारें मिलने के बाद क्या राज्य सरकार, जिसने राज ठाकरे के खिलाफ एक रैली में तलवार दिखाने के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी, गृह मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करेगी।