दरभंगा। लमिवि में शिक्षकों को पदाधिकारी बनाने की बात सामने आई है। इससे पहले पूर्व कुलपति प्रो. सुरेंद्र कुमार सिंह के कार्यकाल में प्रोबेशन वाले दर्जनों सहायक प्राध्यापक का स्थानांतरण पदस्थापन के तुरंत बाद विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों में किए जाने का मामला उजागर हुआ था।
विवि के विभिन्न विभागों में अनुभवहीन शिक्षकों को पदाधिकारी बना दिया गया है। नियम के मुताबिक अधिकारी बनने के लिए शिक्षकों को कम से कम छह या सात साल का अनुभव होना जरूरी है।
नियम के मुताबिक एसोसिएट स्तर के शिक्षकों को ही अधिकारियों के पद पर पदस्थापित किया जाना चाहिए।
विवि के अधीन तीन दर्जन से अधिक अंगीभूत कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों के सहारे पढ़ाई संचालित हो रही है। ऐसी स्थिति में शिक्षकों को मुख्यालय में पदस्थापित किए जाने से कालेजों में पठन-पाठन प्रभावित हो रही है।

