पटना के राजीव नगर में 4 दिन तक धरने पर बैठी स्मिता कुमारी अब वापस अपने मायके लौट चुकी हैं। स्मिता ने कहा कि ससुराल के अंदर जाने के लिए 4 दिन जद्दोजहद की। टेंट लगाकर धरने पर भी बैठी, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वाले नहीं माने। यही कारण है कि अब वह वापस मायके लौट गई। आसपास के लोगों का कहना है कि कई लोगों ने ससुराल वालों को समझाया, लेकिन किसी ने एक न सुनी। अंत में उनकी बहू स्मिता ने धरना खत्म कर दिया।

बता दें कि स्मिता राजीवनगर निवासी व्यवसायी उमेश प्रसाद की बेटी हैं। उनकी शादी 15 जून 2019 काे रेलवे के रिटायर्ड कर्मी विजय कुमार के बेटे रोहित से हुई थी।

रोहित का घर राजीव नगर के गांधी नगर, प्रह्लाद पथ में हैं। वह मदर डेयरी दिल्ली में HR डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। स्मिता का आरोप था कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। दहेज की रकम नहीं देने पर मेरे पति ने मुझे मारपीट कर घर से निकाला। उसके बाद से हमारे रिश्ते में दरार आ गई।

वह चाहती है कि उसके ससुराल वाले उसे घर के अंदर आने दें और इज्जत से रख लें। इसके अलावा उन्हें कुछ भी नहीं चाहिए, क्योंकि अगर ससुराल वाले अंदर नहीं जाने देंगे तो वह कहा जाएंगी।

वहीं स्मिता की सास चमेली देवी का कहना है कि वह ससुराल वालों का सम्मान नहीं करती हैं। उन्हें जान से मारने का धमकी देती हैं। अब ये टेंट लगा कर नाटक कर रही हैं। शादी के पहले दिन ही उन्होंने बेटे काे चप्पल से मारा था। काेर्ट में बेटे ने ऐसा कुछ लिखकर नहीं दिया है, जिसका दावा वे लाेग कर रहे हैं। काेर्ट का जाे आदेश हाेगा, वह करेंगे।