पश्चिम चंपारण। एक इंजीनियर ने नौकरी छोड़कर पंचायत के गांव की सूरत बदल कर दी। दरअसल नरकटियागंज प्रखंड के बेलवा पंचायत की गांवों की तस्वीर बदलने के लिए अभियंता अभिजीत दूबे ने नौकरी छोड़कर मुखिया बनकर पहल की।
अब पंचायत के गांवों में न सिर्फ विकास हो रहा है बल्कि गांव के लोगों की सोच भी बदल रही है। इस पंचायत में हर घर नल का जल, सड़क निर्माण, छोटे बड़े सभी घरों में शौचालय निर्माण, बिजली, पेंशन आदि कार्य पारदर्शी ढ़ंग से हो रहा है।
नरकटियागंज प्रखंड की 27 पंचायतों में सबसे कम उम्र वाले अभिजीत मुखिया संघ के अध्यक्ष भी हैं। करीब बीस हजार आबादी वाली भेड़ीहरावा पंचायत की पांच साल पहले स्थिति अलग थी।
गांव के युवाओं का कहना है कि अब तक यहां के मुखिया अशिक्षित होते थे। इस वजह से पंचायत का विकास नहीं हो पाता था। वे सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं दिला पाते थे।
मुखिया का कहना है कि इस पंचायत की स्थिति बदहाल थी, जिसे देखते हुए नौकरी छोड़ पंचायत की सूरत बदलने का मन बनाया। जिसमें पंचायत के विकास में सभी ग्रामीणों का साथ मिलता है। सरकार की सभी योजनाओं का लाभ पंचायत के लोगो को दिलवाता हूं।
