मुजफ्फरपुर। स्वाधार गृह मामले में ब्रजेश ठाकुर के वि’रुद्ध विशेष कोर्ट में आ’रोप पत्र दाखिल करने के बाद आ’रोपित अफसाना खातून पुलिस के नि’शाने पर है। पुलिस की ओर से विशेष कोर्ट में पांच आ’रोपितों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल करने की बात बताई गई है, उसमें अफसाना मुख्य रूप से शामिल है। वह स्वाधार गृह की अधीक्षक थी।
वह इस मामले की किंगपिन मानी जाती है। मधु के बाद वह ब्रजेश ठाकुर की काफी करीबी थी। स्वाधार गृह मामले में संलिप्तता सामने आने के बाद ही वह गायब है। उसकी संपत्ति की कुर्की के लिए पुलिस की ओर से कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी।
कोर्ट ने मुशहरी अंचल के सीओ को उसकी संपत्ति का ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया था। हालांकि सीओ को उसकी कोई संपत्ति का ब्योरा नहीं मिल सका। इसलिए कोर्ट से कुर्की का आदेश पारित नहीं हो सका।
टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंस (टिस) की टीम के साथ ब्रजेश ठाकुर ने चालाकी कर दी। इस टीम को स्वाधार गृह के बारे में उसने कोई जानकारी नहीं दी। इसलिए टिस की टीम इसकी आडिट नहीं कर सकी।
यह टीम बालिका गृह की आडिट तक ही सिमटी रही। इसी आडिट के आधार पर वर्ष 2018 में बालिका गृह में रह रही लड़कियों के साथ यौन हिं’सा का मामला उजागर हुआ। सीबीआइ जांच के आधार पर ब्रजेश ठाकुर सहित 19 आ’रोपितों को दिल्ली के साकेत स्थित विशेष कोर्ट ने सजा सुनाई।
