परशुराम जयंती के बहाने शक्ति प्रदर्शन: पटना की सड़कों पर निकाली गई शोभा यात्रा

परशुराम जयंती के बहाने भूमिहार-ब्राह्मण एकता मंच शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। जयंती पर मंगलवार को पटना के बापू सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें मुख्य विपक्षी नेता तेजस्वी यादव और बोचहां विधायक अमर पासवान पहुंचे हैं। इस अवसर पर बोचहां विधायक अमर पासवान ने कहा कि आशुतोष जी ने सभी धर्म के लोगों को यहां बुलाया है। समाज में जो त्रुटियां हैं उसे साथ मिलकर दूर करना है।। AtoZ को आगे बढ़ाते हुए बिहार को आगे बढ़ाना है।

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत शोभा यात्रा से की गई। इसके तहत संगठन की तरफ से बेली रोड स्थित पंचमुखी मंदिर से बापू सभागार तक शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल थे। इस शोभा यात्रा में शामिल सभी लोगों के कंधे पर एक पीला गमछा था और ये जय परशुराम का नारा लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसमें राजनीति के दिग्गज के साथ शिक्षा, चिकित्सा और व्यापार से जुड़े लोग भी शिरकत करेंगे। इसके अलावा राज्य के सभी जिलों से लगभग 10 हजार लोग पटना पहुंच रहे हैं। वहीं सियासी गलियारे में इसे सत्ता से नाराज भूमिहार खेमे को एक मंच पर लाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

कांग्रेस के बिहार प्रभारी दिल्ली से पटना पहुंचे

वहीं इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास दिल्ली से पटना पहुंच गए हैं। पूर्व विधायक दिलमणि मिश्रा कृष्णा शाही समेत आधा दर्जन से ज्यादा बड़े नेताओं के कार्यक्रम में पहुंचने का दावा किया जा रहा है।

बोचहां उपचुनाव को भुनाने की कोशिश!

दरअसल बोचहां उपनचुनाव में सत्ताधारी BJP के हारने की एक मुख्य वजह पार्टी से भूमिहारों की नाराजगी को बताया जा रहा है। यहां बड़ी तादाद में अगड़ों का वोट RJD के तरफ शिफ्ट हुआ है। वहीं विधान परिषद चुनाव में 24 में से 6 भूमिहार जाति के उम्मीदवार जीते हैं। इनमें तीन पटना से कार्तिकेय कुमार, मुंगेर से अजय कुमार सिंह और पश्चिम चंपारण से इंजीनियर सौरभ RJD के हैं। वहीं सारण से जीते सच्चिदानंद सिंह BJP से बागी थे। इसे तेजस्वी यादव के नए समीकरण भूमाई (भूमिहार, यादव, मुस्लिम) के गठजोड़ से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीति के जानकारों की माने तो अब सत्ताधारी दल से नाराज खेमा इसे भुनाने में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है।

 

ब्रह्मर्षि समाज की ये हैं तीन मुख्य मांगें

  • परशुराम जयंती को राजकीय छुट्टी घोषित की जाए
  • महापुरुषों की जीवनी की तरह भगवान परशुराम की जीवनी को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
  • सभी 38 जिले में गरीब सवर्ण बच्चों के लिए परशुराम छात्रावास का निर्माण कराया जाए।

हम सम्मान के भूखे हैं : आशुतोष

भूमिहार- ब्राह्मण एकता मंच के आशुतोष कुमार ने कहा कि हमारे समाज को भोजन की कमी नहीं है। हम सम्मान के भूखे हैं। जो हमें सम्मान देगा हम उसके साथ मजबूती से खड़े होंगे। जो अपमानित करेगा उसके अपमान का बदला भी सूद समेत लेना काम्टे हैं। क्या ये शक्ति प्रदर्शन है के सवाल पर आशुतोष कुमार ने कहा कि ये एक धार्मिक आयोजन है। एक साधारण कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि केवल बोचहां चुनाव के बाद से हम ब्रह्मर्षि समाज को हम संगठित करने में नहीं जुटे हैं। उन्होंने बताया वो इस काम के लिए अब तक 3400 गांवों का भ्रमण कर चुके हैं। ये एक दशक का प्रयास है। हमारा काम है सरकार के समक्ष अपनी मांग रखना, हमने रख दिया । अब ये सरकार को तय करना है कि उसे मांगना है कि नहीं।

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