पटना : असेइंग एंड हालमार्किंग केंद्र में सामान्य लोग भी अपने सोने के जेवरात की शुद्धता की जांच करा सकते हैं। जांच के लिए चार आभूषण पर दो सौ रुपये शुल्क देना होगा। पांच या इससे ज्यादा गहने के लिए प्रति पीस 45 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
देश के 32 जिलों में एएचसी की स्थापना की गई है, जिनमें 13 जिले बिहार के हैं। इनमें पटना, मुजफ्फरपुर, रोहतास, भोजपुर, गया, बेगूसराय, दरभंगा, बक्सर, नालंदा, सारण, भागलपुर, नवादा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और मुंगेर शामिल हैं।
ये जानकारी जनसंपर्क विभाग के पटना शाखा कार्यालय प्रमुख एसके गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि सोने के आभूषण व कलाकृतियों की हालमार्किंग के दूसरे चरण की अधिसूचना चार अप्रैल को लागू कर दी गई। इसका कार्यान्वयन भी शुरू हो गया।
इसके तहत 20, 23 और 24 कैरेट गोल्ड की हालमार्किंग की जा रही है। देश में 32 नए ऐसे जिले हैं, जहां एएचसी की स्थापना की गई है। इन जिलों की सूची बीआइएस की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि एक सामान्य उपभोक्ता बीआइएस से मान्यता प्राप्त किसी भी एएचसी में अपने बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की शुद्धता की जांच करा सकते हैं।
एएचसी प्राथमिकता के आधार पर सामान्य उपभोक्ताओं के सोने के गहनों का परीक्षण करेगा और रिपोर्ट देगा। यह रिपोर्ट उन्हें आभूषणों को बेचने में भी उपयोगी होगी। एचयूआइडी नंबर वाले हालमार्क वाले सोने के आभूषणों की प्रामाणिकता और शुद्धता के लिए बीआइएस केयर एप में वेरीफाई एचयूआइडी का उपयोग कर सकते हैं। इस एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
