श्रावणी मेला:इस बार डेढ़ गुना अधिक भीड़ जुटने की उम्मीद, 14 जुलाई से 12 अगस्त तक लगेगा मेला; करनी होगी दोगुनी तैयारी

कोरोना महामारी के कारण विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला पिछले दो साल से बंद था। लेकिन इस बार कोरोना का कहर कम होने से मेले में डेढ़ से दो गुना अधिक कांवरियों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इस कारण दोनों राज्यों के प्रशासन को तैयारी दोगुनी रखनी होगी।

कुछ माह पहले संपन्न हुए महाशिवरात्रि, होली, अक्षय तृतीया आदि त्योहारों पर उत्तरवाहिनी गंगा घाट और बाबाधाम में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। मेले की तैयारी में जुटे बिहार-झारखंड प्रशासन भी यह मान रहा है। इस बार श्रावणी मेला 14 जुलाई से 12 अगस्त तक लगेगा।

वर्ष 2019 में मेले के दौरान 55 लाख श्रद्धालु आए थे

2019 में आखिरी बार श्रावणी मेला लगा था। इसके बाद 2020 व 2021 में कोरोना के कारण दोनों राज्यों की सरकार ने मेले पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन इस बार दोनों राज्य सरकार ने मेले के आयोजन पर सहमति दी है। 2019 के श्रावणी मेले में एक माह के दौरान करीब 55 लाख श्रद्धालु सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर पैदल बाबाधाम गए थे। मेला संचालन से जुड़े लोगों का मानना है कि एक माह के श्रावणी मेले में औसतन 30 से 35 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार दो साल की बंदी के कारण भीड़ ज्यादा होगी।

दो साल से नहीं लगा मेला

सुल्तानगंज के जहान्वी क्षेत्र पंडा कल्याण महासभा के महामंत्री संजीव झा का कहना है कि दो साल से श्रावणी मेला नहीं लगा। इस बार हर साल की तुलना डेढ़ गुना से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ लगने की उम्मीद है। वैद्यनाथ मंदिर के सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा ने भी इस बार अधिक भीड़ जुटने की उम्मीद जताई है।

इनकी रखनी होगी तैयारी

1. कोविड प्रोटोकॉल का पालन- मेले में कोविड प्रोटोकॉल का विशेष इंतजाम रखना होगा। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, टीकाकरण का पालन किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
2. कांवरियों की मूलभूत सुविधाएं- बिहार के 90 किमी के मेला क्षेत्र में भागलपुर, मुंगेर और बांका जिला प्रशासन को कांवरियों की मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना होगा। कांवरिया मार्ग, शौचालय, बिजली, पानी सुविधाएं दुरुस्त करना होगा।
3. दोनों राज्यों में को-ऑर्डिनेशन- मेले के सफल संचालन के लिए बिहार-झारखंड के प्रशासन में को-ऑर्डिनेशन होना अति आवश्यक है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading