मुजफ्फरपुर : जल संसाधन मंत्री ने बाढ़ नियंत्रण को लेकर चल रहे कार्यो की समीक्षा कर दिए निर्देश

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर के समाहरणालय सभाकक्षा में बाढ़ नियंत्रण, बाढ़ से संबंधित बांधों की सुरक्षा एवं कटाव निरोधी कार्यो व इसको लेकर की जा रही तैयारियों को लेकर कार्यो की समीक्षा की गई। इस अवसर पर जल संसाधन एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री संजय कुमार झा ने बाढ़ से बचाव व उससे तैयारियों से संबंधित कराए जा रहे कार्यो की समीक्षा की गई। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, प्रभारी डीएम मुजफ्फरपुर राजेश कुमार, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन डॉ.अजय कुमार व बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल मुजफ्फरपुर से संबंधित सभी अभियंतागण उपस्थित थे।बैठक में मंत्री ने तटबंध की मरम्मती एवं कटाव निरोधक कार्य 20 मई के पूर्व हर हाल में पूर्ण करा लेने का निर्देश दिया। उन्होंने अभियंताओं को नियमित साइट विजिट करने तथा चल रहे कार्यो का सतत अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। कहा कि जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों का निष्पादन विशेषकर अतिक्रमण से संबंधित एवं भूअर्जन से संबंधित लंबित मामलों का निष्पादन करना सुनिश्चित करें।

भू अर्जन के कारण कुछ परियोजनाओं के पूर्णता की दिशा में आ रही बाधा के मद्देनजर उन्होंने सख्त नाराजगी प्रकट की और जिला भू अर्जन पदाधिकारी को हिदायत देते हुए कहा कि पूरी तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ इस संबंध में तीव्र गति से कार्य करना सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। इस विषय पर उन्होंने मीटिंग से ही मुख्य सचिव से दूरभाष पर बात भी की मंत्री ने कहा कि निर्धारित अवधि तक कार्य पूर्ण करें ताकि बाढ़ के समय में आम लोगों को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता हर हाल में मेंटेन हो एवं तय मानकों के अनुरूप कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ को लेकर सरकार के निर्देश के आलोक में तकनीकी विभागों एवं जिला प्रशासन के परस्पर समन्वय से कार्य कराया जा रहा है।

 

बाढ़ पूर्व तैयारियां शुरू कर दी गई है लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। कहा कि बांधों की सुरक्षा हेतु अगर कुछ काम बचा हुआ है तो उसे अविलंब पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभियंताओं और अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि फिक्स माइंडसेट से बाहर निकलते हुए कुछ अलग करने का प्रयास करें ताकि आम जनमानस को तकलीफों का सामना नहीं करना पड़े। बैठक में बाढ़-2021 से पूर्व फ्लड कंट्रोल और ड्रेनेज मुजफ्फरपुर द्वारा कटाव निरोधी कार्य के लिए ली गई सभी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। ये योजनाएं फ्लड कंट्रोल डिवीजन मुजफ्फरपुर,ड्रेनेज डिवीजन मुजफ्फरपुर, फ्लड कंट्रोल एंड ड्रेनेज डिवीजन लालगंज, ड्रेनेज डिविजन हाजीपुर, ड्रेनेज डिवीजन बेतिया, फ्लड कंट्रोल डिविजन मोतिहारी, ड्रेनेज डिवीजन मोतिहारी, सिकरहना इम्बैकमेन्ट डिवीजन मोतिहारी, बागमती डिवीजन सीतामढ़ी, बागमती डिवीजन शिवहर, बागमती डिवीजन रुनीसैदपुर एवं फ्लड कंट्रोल डिवीजन बगहा द्वारा ली गई हैं।

मंत्री ने उक्त सभी योजनाओं को 15 से 20 मई तक पूर्ण कराने का सख्त निर्देश उपस्थित सभी कार्यपालक अभियंता प्रमुख अभियंताओं को दिया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया कि तटबंधों की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा कर्मी के रूप में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाय। बाढ़ के समय में उपयोग की जाने वाले मटेरियल की उपलब्धता सुनिश्चित हो और साथ ही उसका भंडारण सही तरीके से हो इसे गंभीरता पूर्वक सुनिश्चित किया जाए। मंत्री ने कहा कि बाढ़ पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर आधुनिक तकनीकों का प्रयोग पर सरकार द्वारा बल दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस दिशा में भी कार्य किया जा रहा है कि बाढ़ के पानी का संग्रहण कर सिंचाई के क्षेत्र में उसका सफल उपयोग हो सके साथ ही हर खेत को पानी उपलब्ध हो सके।यह माननीय मुख्यमंत्री का ड्रीम है जिसे धरातल पर उतारने की दिशा में विभाग गंभीर है। उन्होंने कहां की राज्य में जो नदियां हैं उनको एक दूसरे से जोड़ने की कार्य योजना है। इस क्रम में बेलवा धार में उक्त कार्य एडवांस स्टेज में है। माननीय मंत्री जी ने कहा कि अर्लीअलर्ट सिस्टम का सफल प्रयोग किया जा रहा है ताकि बाढ़ पूर्व संभावित वर्षा एवं बाढ़ की स्थिति का आकलन किया जा सके एवं उस आलोक में तत्काल करवाई की जा सके।

माननीय मंत्री श्री संजय कुमार झा आज कांटी प्रखंड स्थित बहादुरपुर कोठिया में चल रहे कटाव विरोधी एवं तटबन्ध सुदृढ़ीकरण कार्य का मुआयना किया। साथ में जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंतागण उपस्थित थे।निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवश्यक निर्देश अभियंताओं को दिया। उक्त कार्य लागत 7 करोड़ 88 लाख है। कार्य स्थल की लंबाई 2070 मीटर है।

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