निगम की राजनीति में फंसी बलिदानियों के नाम सड़कों के नामकरण का प्रस्ताव

मुजफ्फरपुर। अमर बलिदानियों एवं महापुरुषों के नाम पर शहर की सड़कों के नामकरण का प्रस्ताव नगर निगम की राजनीति तथा जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के खींचतान के बीच फंस गई है। यह प्रस्ताव चार माह से निगम बोर्ड की मंजूरी नहीं मिलन के कारण पास नहीं हो पा रही है।

दो-दो बार प्रस्ताव को बोर्ड की बैठक में रखा गया, लेकिन पहली बैठक को महापौर ने रद कर दिया, जबकि दूसरी बैठक महापौर एवं नगर आयुक्त के बीच चल रहे विवाद में फंसी हुई है। दोनों बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद भी बैठक रद होने के कारण कानूनी रूप नहीं ले सकी।

बीते वर्ष 24 दिसंबर को नगर निगम बोर्ड की बैठक निगम आडिटोरियम में हुई थी। बैठक में जूरन छपरा से सरैयागंज टावर चौक तक जाने वाली कंपनी बाग सड़क का नाम अमर बलिदानी खुदीराम बोस मार्ग, जूरन छपरा से माड़ीपुर होते हुए भगवानपुर चौक तक जाने वाली सड़क का नाम अमर बलिदानी प्रफुल्ल चाकी मार्ग, चांदनी चौक धर्मकांटा से एमबीबीएल कालेज जाने वाली मार्ग का नाम भामा साह मार्ग एवं अघोरिया बाजार चौक से छाता चौक तक की सड़क का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर अटल पथ करने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन बैठक में नगर आयुक्त के नहीं रहने के कारण बैठक रद कर दी गई।

 

19 अप्रैल को नगर निगम बोर्ड की बैठक नगर भवन में हुई थी। इस बैठक में भी नगर आयुक्त अनुपस्थित थे। बैठक में पूर्व के चार सड़कों के साथ तीन और सड़कों के नामकरण का प्रस्ताव पारित किया गया।

इसमें हरिसभा चौक से क्लब रोड, पानी टंकी होते हुए मिठनपुरा चौक तक की सड़क का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल पथ, पक्कीसराय चौक स्थित तीन कोठिया मार्ग का नाम सावरी खानका मार्ग तथा कलमबाग चौक से रामदयालु नगर रेलवे स्टेशन गन्नीपुर रोड का नाम डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग करने का प्रस्ताव पारित किया गया,

 

लेकिन बैठक संचालन पदाधिकारी को लेकर विवाद में आ गया और इसकी कार्यवाही नहीं निकली। इस प्रकार दोनों बैठक में प्रस्तावित होने के बाद भी प्रस्ताव कानूनी रूप नहीं ले सका।

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