
MOTIHARI : मोतिहारी के छतौनी थाना में हाईप्रोफाइल ड्रामा चला. सोमवार को थाने में विधायक जी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गये। विधायक जी के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी सकते में आ गये। पता लगाया गया कि आखिर मामला क्या है. छानबीन में पता चला कि छोटी-सी बात पर एमएलए साहब नाराज हो गये हैं। एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विधायक जी धरने पर बैठे थे लेकिन यहां खास बात यह है कि उस आरोपी ने विधायक जी के धरने से पहले ही सरेंडर कर दिया था। विधायक जी को यह बात बता दी गयी लेकिन वो अपनी जिद पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जबतक एसपी साहब मुझे लिखित में नहीं देंगे तबतक मैं नहीं मानूंगा।
कहा जाता है कि हरसिद्धि के विधायक राजेंद्र राम अक्सर ऐसी नौटंकी करते हैं। उनकी इसी तरह की ऊलूल-जुलूल हरकतों से पुलिस-प्रशासन और आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अब जान लेते हैं कि पूरा मामला क्या था. विधायक राजेंद्र राम ने हरि सिंह के खिलाफ छतौनी थाना में एके 47 से जान से मार देने की धमकी का मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज होते ही पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुट गयी थी। इसी बीच सोमवार को आरोपी हरि सिंह ने छतौनी थाना पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया लेकिन विधायक जी इसके बाद भी धरने पर क्यों बैठे हैं पता नहीं।

इधर, आरोपी हरि सिंह धमकी वाली बातों से इंकार करते हैं। सोमवार को छतौनी थाना में सरेंडर करने के बाद हरि सिंह ने बताया कि विधायक मेरे ही गांव के हैं। विधायक के साथ हरि सिंह पूर्व से जमीन के कारोबार में पार्टनर भी हैं। विधायक को मोतिहारी में घर बनाने के लिए हरि सिंह ने अपनी दुकान से सामान भी उधार दिया था। दोनों के बीच संबंध तब बिगड़ा जब उधार के रुपये मांगने वो विधायक के घर गये। यहां पर हमेशा की तरह विधायक के भाइयों ने उन्हें चाय भी पिलायी लेकिन जब हरि सिंह ने रुपये मांगा तो विधायक और उनके भाई भड़क उठे। उन्हें वहां से डांट-फटकार कर भगा दिया गया और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गयी। दूसरी ओर धरने पर बैठे विधायक राजेंद्र राम ने कहा कि आरोपी बरगलाने में लगा है और उनकी राजनैतिक छवि बिगाड़ने के लिए अनर्गल आरोप लगा रहा है। विधायक ने कहा कि राज्य में अपराधियों का मनोबल काफी बढ़ गया है, उसी के खिलाफ अनशन पर बैठे हैं।
