मुजफ्फरपुर : शहर की बदहाली पर चुप रहना अधिकार व कर्तव्यों का गला घोटना है : संजीव शर्मा

मुजफ्फरपुर: स्मार्ट सिटी को लेकर शहर की बदहाली और नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ विधायक विजेंद्र चौधरी द्वारा 19 मई को शहर बंद करने के आह्वान का मुजफ्फरपुर के मझौलिया रोड निवासी समाजसेवी संजीव शर्मा ने समर्थन किया है। उनका कहना है कि अब चुप रहना अपने अधिकार और कर्तव्यों का गला घोटना होगा।

कोई नहीं कह सकता है कि विधायक अनावश्यक हस्तक्षेप करते है, लेकिन जहां गलत कार्य होगा वहां पर वह जरूर रोकेंगे क्योंकि मुजफ्फरपुर की जनता ने विधायक को यह जवाबदेही दी है। आधे दिन के बंदी का मतलब किसी को कोई असुविधा नहीं हो। समाजसेवी संजीव शर्मा का कहना है कि इस बंद के माध्यम से विधायक विजेंद्र चौधरी सरकार तक मुजफ्फरपुर की समस्या को पहुंचाना चाहते है, ताकि मुजफ्फरपुर का सर्वांगीण विकास हो सके।

उन्होंने कहा कि विधायक ने फरदो नाले की उड़ाही के लिए सफल प्रयास के बदौलत इसका असर भी हुआ है। हालांकि, टेंडर भी हुआ काम भी हो रहा है, लेकिन टेंडर के लिए प्रशासनिक स्वीकृति नहीं ली गई और फरदो नाले के टेंडर में भी अनियमितता बरती गई। इसका विधायक वि’रोध कर रहे है।

उन्होंने कहा कि निगम की लापरवाही से बरसात में स्टेशन रोड में बिजली के करेंट से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसी प्रकार हाल में ही सिकंदरपुर में सीवरेज बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में एक कर्मचारी की मौत की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो। मृतक के परिवार को मुआवजा मिले।

समाजसेवी का कहना है कि अतिक्रमण के नाम पर गरीब फुटपाथ दुकानदारों को जबरन उजाड़ना, निगम द्वारा बनाए गए सामुदायिक शौचालय में मानक के विपरीत दूसरा सामान लगाना, नगर निगम की गाड़ियों में हुए डीजल/पेट्रोल की जांच और नगम द्वारा सफाई गाड़ी व अन्य उपकरण खरीद में हुई वित्तीय अनियमितता की जांच, निगम कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों को सातवां वेतन लागू होना चाहिए। साथ ही निगम के दैनिक वेतन सफाई कर्मियों व कर्मचारियों को वेतन वृद्धि होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि चैम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा दिए गए सुझाव कि निगम प्रशासन अनदेखी कर रहा है। यहीं नहीं स्मार्ट सिटी के तहत शहर का विकास कार्य कछुए की तरह कर जनप्रतिनिधियों को बदनाम कर जनता की नजरों से गिराने का काम चल रहा है। उन्होंने निगम कर्मचारी व पदाधिकारी से अभद्र व्यवहार व अपशब्दों का प्रयोग करने वाले व शहर को नारकीय स्थिति में लाने वाले नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय का स्थानांतरण क रने की मांग की। इसके अलावा निगम द्वारा जबरन यूजर चार्ज लेने व व्यवसायियों से कमर्शियल बिजली कनेक्शन के दिन से ट्रेड लाइसेंस लेेने व हर घर नल-जल योजना में घोर अनियमितता बतरने की निंदा की।

 

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