मुजफ्फरपुर : मौसम के उतार-चढ़ाव ने बढ़ाई लीची व्यापारियों की चिंता

जिले में शाही लीची की तुड़ाई बीते 15 मई के बाद से शुरू है। किसानों-व्यापारियों की तेजी के बावजूद रविवार तक जिले में 40 फीसदी ही लीची की तुड़ाई हो सकी है। 60 फीसदी लीची अब भी पेड़ों पर लगे हैं। इधर, मौसम में उतार-चढ़ाव ने किसानों-व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।

अब यदि बारिश हुई तो शाही लीची को भारी नुकसान पहुंच सकता है। बोचहां सरफुदीनपुर के लीची किसान सह व्यापारी मनोज चौधरी ने बताया कि बीते दो वर्षों से कोरोना के कारण लीची में नुकसान झेलना पड़ा है। इसबार फसल अच्छी है, लेकिन मौसम साथ नहीं दे रहा।

मीनापुर शहजपुर के किसान नीरज कुमार ने बताया कि इस बार लीची से अच्छा मुनाफा मिल रहा है। मई माह में अमूमन शाही लीची की तुड़ाई समाप्त हो जाती है। लेकिन इस बार मौसम की बेरूखी से यह संभव होता नहीं दिख रहा है। झपहां के प्रगतिशिल किसान भोलानाथ झा ने बताया कि लीची के लिए अभी मौसम अनुकूल है।

लेकिन बारिश की संभावना भी बन रही है। ऐसे में यदि बारिश हुई तो लीची का फल फटने व कीड़े लगने की आशंका प्रबल हो जाएगी। इस डर से किसानों ने लीची की तुड़ाई तेज कर दी है। बारिश नहीं होने पर लीची की अच्छी कीमत किसानों को मिल रही थी, लेकिन अब इसकी कीमत में गिरावट आई है।

चाइना लीची को मौसम से बचाने के लिए कर रहे छिड़काव :

कांटी कपरपुरा के किसान भोला त्रिपाठी ने बताया इस बार लीची में लगातार छिड़काव करवा रहा हूं। इससे लीची के आकार, मिठास और लाली बनी हुई है। छिड़काव करने से बागों में लीची अधिक दिनों तक टिकी रहती है।

उसपर कीड़े का प्रकोप भी नहीं होता है। अगले 30 जून तक शाही लीची की तुड़ाई चेलगी। चाइना लीची की तुड़ाई दो जून के बाद से शुरू होगी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.