शहरी क्षेत्रों के लोगों के लिए गुड न्यूज, दो शुल्कों से दी गई राहत, पढ़े पूरी खबर…

मुजफ्फरपुर। नगर निगम बोर्ड ने सफाई के बदले यूजर चार्ज एवं पानी शुल्क की वसूली पर रोक लगा दी है। नगर भवन सभागार में महापौर ई.राकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम बोर्ड की बैठक में चर्चा के बाद इस पर रोक लगाई गई। हालांकि वार्ड पार्षद संतोष महाराज, केपी पप्पू एवं अजय ओझा ने कहा कि वे इस पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं हैं बल्कि वे चाहते हैं कि शुल्क लेकर निगम सुविधा दें। बैठक में पटना की तरह दोनों पाली में सफाई कार्य के लिए अलग-अलग टीम लगाने का निर्णय लिया गया।

एक बार फिर नगर निगम कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में कच्ची नाली गली योजना मद से प्रत्येक वार्ड में दो-दो करोड़ की योजना का प्राक्कलन तैयार कर टेंडर निकालने का निर्णय लिया गया। निगम मद से प्रत्येक वार्ड में पचास-पचास लाख रुपये से सड़क एवं नाला निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।

हर घर नल जल योजना मद की राशि से प्रत्येक वार्ड में शेष बचे मुहल्लों में जलापूर्ति पाइप लाइन बिछाने एवं मिनी पंप लगाने की योजना पर काम करने की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही क्षतिग्रस्त मिनी पंप हाउसों एवं काटी गई शत प्रतिशत सड़कों की मरम्मत का निर्णय लिया गया।

बैठक में न्यायालय के निर्देशानुसार कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन देने एवं कर्मचारियों के अंतर वेतन राशि के भुगतान को मंजूरी दी गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया शहर में सफाई कार्य दो पाली में होता है। दोनों पाली के लिए अलग से मानव संसाधन एवं उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी।

बैठक की शुरुआत में गत बैठक की संपुष्टि को लेकर गतिरोध उत्पन्न हो गया। महापौर ने कहा कि 19 अप्रैल एवं पांच मई को हुए वैध बैठक की संपुष्टि की गई। उन्होंने नंद कुमार प्रसाद साह की अध्यक्षता में हुई बैठक को असंवैधानिक करार देते हुए संपुष्टि करने से इन्कार कर दिया।

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