वाल्मीकिनगर। एनपीसीसी कालोनी स्थित सुरेश मांझी के घर में शुक्रवार की दोपहर आठ फीट लंबा अजगर मिलने से अफरातफरी मच गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद अजगर को पकड़ा जा सका। गृहस्वामी ने बताया कि अजगर पर नजर पड़ते ही शोर मचाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अगल-बगल के लोग मौके पर पहुंच गए।सूचना के बाद पहुंची वन विभाग की टीम ने एक घंटे के मशक्कत के बाद अजगर का रेस्क्यू किया और जटाशंकर के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।
इस बाबत रेंजर महेश प्रसाद ने बताया कि स्थानीय निवासियों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अजगर को पकड़कर सुदूर जंगल में छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि अजगर छोटे जीव जंतु को निगलने में पूरी तरह सक्षम हैं। आमतौर पर पहले यह शिकार को दबाकर मारता है। अपनी जकड़ में लेता है।
उसके बाद परिस्थिति के अनुसार ही निगलता है। कभी कभी सीधे भी निगलता है। यदि कोई व्यक्ति इसके शिकंजे में आ जाए तो हिम्मत से काम लेना चाहिए। तत्काल प्रयास करना चाहिए कि अजगर के सिर को दबा कर पकड़ लें। दूसरे हाथ से पूंछ को सीधा करते रहना होगा।
अजगर दबोचने का प्रयास जारी रखेगा, लेकिन सफल नहीं होगा। पूंछ को सीधा करने से अजगर की पकड़ कमजोर हो जाएगी। अजगर प्रत्येक एक मिनट में अपने शरीर को शिथिल करता है। वह लगातार शिकार को जकड़कर नहीं रख सकता। यही वह समय है जब इससे बचकर निकला जा सकता है।

