बिहार के बेगूसराय जिला न्यायालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी समेत 8 लोगों पर कंप्लेंट दर्ज किया गया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रूम्पा कुमारी के न्यायालय में डीएस इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर नीरज कुमार निराला ने चेक बाउंस मामले में यह कंप्लेंट दायर किया है। धोनी इस प्रोडक्ट का विज्ञापन करते हैं, इसलिए उन्हें भी आरोपी बनाया गया है।

आरोपियों में न्यू ग्लोबल उपज वर्धक इंडिया लिमिटेड नई दिल्ली, मार्केटिंग स्टेट हेड बिहार अजय कुमार, सीईओ राजेश आर्या, निदेशक अकाउंट एडमिनिस्ट्रेशन महेंद्र सिंह, मार्केटिंग हेड अर्पित दुबे, ए डी इमरान बिन जफर, मार्केटिंग मैनेजर वंदना आनंद, चेयरमैन महेंद्र सिंह धोनी का नाम शामिल है। इनके विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 406, 120 बी एवं एन आई एक्ट की धारा 138 के तहत न्यायालय में परिवाद पत्र दायर किया गया है।

कंपनी को दिया था 36. 86 लाख रुपए
न्यायालय ने मामले पर सुनवाई के बाद विचार के लिए न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार मिश्रा के न्यायालय में भेज दिया। अगली सुनवाई 28 जून को होगी। परिवादी ने आरोप लगाया है कि 2021 में न्यू ग्लोबल उपजवर्धक इंडिया लिमिटेड का सीएनएफ लिया। सीएनएफ लेने के लिए 36 लाख 86 हजार रुपए कंपनी को दिया। कंपनी ने फर्टिलाइजर भेज दिया। परंतु कंपनी के असहयोग के कारण फर्टिलाइजर बेचने में परेशानी होने लगी।

कंपनी ने 30 लाख का चेक दिया, लेकिन चेक बाउंस हो गया
इसी विषय पर परिवादी और कंपनी के विवाद उत्पन्न होने पर कंपनी ने परिवादी को 30 लाख का चेक देते हुए सारा फर्टिलाइजर वापस ले लिया। जब चेक को बैंक में डाला गया तो बाउंस कर गया।

परिवादी ने आरोपित को लीगल नोटिस भेजा। मगर उसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला, तब उसने न्यायालय में सभी आरोपित और कंपनी के विरुद्ध न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल किया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता कुमार संजय इस मुकदमा को देख रहे हैं।
