सुहागिनों ने वट वृक्ष में रक्षा सूत्र बांध मांगी पति की लंबी आयु

सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए सोमवार को वट सावित्री का व्रत पूरे विधि विधान से किया। व्रती महिलाएं सुबह से ही शहर के विभिन्न मंदिरों में पूजा के लिए पहुंचने लगी थीं। सभी व्रतियों ने वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उसमें रक्षा सूत्र बांधा।

Vat Savitri Vrat 2022 know how to do mother in law puja in this day suhag  ki thali bayna vidhi and ritual | Vat Savitri Vrat 2022: वट सावित्री व्रत  में सास

ज्येष्ठ मास की अमावस्या का यह दिन बहुत ही प्रभावी माना गया है। सौभाग्यवती महिलाएं इस दिन उपवास रहकर पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी आयु एवं सुख-समृद्धियों की कामना करती हैं।

गरीबनाथ मंदिर में भी महिलाएं सुबह से पूजा अर्चना के लिए आने लगी थीं। महिलाएं पूजा के दौरान सिंदूर, दर्पण, मौली, काजल, मेहंदी, चूड़ी, बिंदी, हिंगुल, साड़ी, स्वर्णाभूषण आदि वस्तुएं एक बांस की टोकरी में रखकर पूजा करने पहुंची थीं।

कुछ महिलाओं ने अमावस्या को लेकर व्रत रखा था। उन्होंने सावित्री-सत्यवान की पुण्य कथा का श्रवण किया। पंडित विनय पाठक ने बताया कि दो वर्ष के बाद वट सावित्री व्रत पर सुहागिन महिलाओं ने मंदिर में आकर पूजा-अर्चना की है।

भगवानपुर-गोबरसही मार्ग स्थित शनि मंदिर के परिसर स्थित वट वृक्ष की पूजा करने सुबह आठ बजे से ही महिलाएं पहुंचने लगी थीं। यहां वट वृक्ष के पास व्रती धूप-दीप नैवेद्य से पूजा की तथा रोली और अक्षत चढ़ाकर वट वृक्ष में रक्षा सूत्र बांधा। साथ ही हाथ जोड़कर वृक्ष की परिक्रमा कर प्रार्थना की।

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