पटना। बढ़ती उम्र के साथ कई प्रकार की बीमारियां बुजुर्गों को परेशान करना शुरू करती हैं। इनमें पार्किंसंस, गठिया, मधुमेह, पेशाब संबंधी समस्याएं खास हैं। बुजुर्गो की परिवार में सही प्रकार से देखभाल हो और बुजुर्ग को भी अपनी बीमारियों की पहचान में समस्या न आए, इसके लिए अब सदर अस्पतालों में लिए जेरिएट्रिक वार्ड बनाने की तैयारी हो रही है।
इस वार्ड के माध्यम से बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल ये वार्ड जिला के सदर अस्पताल में बनाए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में अन्य अस्पतालों का चयन कर इनका विस्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी देखभाल की जरूरत पड़ती है, लेकिन सही जानकारी नहीं होने की वजह से बुजुर्ग तो परेशान होते ही हैं, उनके स्वजन उलझन में रहते हैं कि वे क्या करें और क्या न करें।
इस समस्या के निदान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी 36 सदर अस्पतालों में जेरिएट्रिक वार्ड की स्थापना का फैसला किया है। जेरिएट्रिक वार्ड में बुजुर्गो को रक्तचाप, गठिया, मनोभ्रंश से बचने के उपाय के साथ-साथ अल्जाईमर, हृदय रोग, आंखों सबंधी समस्या आदि क इलाज व मार्गदर्शन देने की व्यवस्था रहेगी।
स्वास्थ्य सूत्रों ने बताया जेरिएट्रिक वार्ड फिलहाल 10 बेड के होंगे। भविष्य में आवश्यकता के आधार पर बेड की संख्या बढ़ाई भी जा सकेगी। जिलों के सदर अस्पताल के साथ ही पटना में नालंदा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में भी जेरिएट्रिक वार्ड की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। विभाग के अनुसार जिलों में यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश सिविल सर्जन को भेजे जा चुके हैं।
