शेखपुरा। एटीएम कार्ड को सुरक्षित रखने के तमाम उपाय बताए जाते हैं। खाते में साइबर अपराधियों की सेंधमारी नहीं हो, इसके लिए पिन को गोपनीय रखने के साथ ही किसी को ओटीपी नहीं बताने की सलाह दी जाती है। लेकिन शेखपुरा में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां युवक ने अपने एटीएम कार्ड को किराये पर दे दिया। यूं कहें कि एक तरह से बेच ही दिया। इसके लिए उसे हर महीने पांच हजार रुपये मिलते थे। हालांकि, यह उसके लिए महंगा पड़ गया है। इस काम के लिए उसे जेल की हवा खानी पड़ी है।

शेखपुरा सदर प्रखंड के बाजितपुर निवासी मो ग्यासुद्दीन का पुत्र मो मनौव्वर दिव्यांग है। यूको बैंक में उसने खाता खोलवाया था। अचानक उसके खाते में हर दिन हजारों रुपये का ट्रांजेक्शन होने लगा। मृतप्राय खाते में अचानक इस तरह से पैसे का लेन-देन होते देख बैंक प्रबंधन का माथा ठनका। इसके बाद बैंक में खाताधारक की तलाश हुई। उसे पकड़ा गया।
पूछताछ की गई तो वह कोई माकूल जवाब नहीं दे सका। तब एटीएम कार्ड को किराये पर देने की बात सामने आई। इसकी प्राथमिकी सदर थाने में दर्ज कराई गई। एएसआइ सरयू सिंह के बयान पर मामला दर्ज कर मुनौव्वर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस की पूछताछ में दिव्यांग युवक ने जो पोल खोली उससे हर कोई हैरान रह गया। उसने बताया कि उसने अलग-अलग बैंकों में चार खाते खुलवा रखे हैं। एटीएम कार्ड उसने कुसुंंभा निवासी बाला मुरारी काे बेचने की बात कही।
कहा कि मुरारी इसके लिए उसे हर महीने पांच हजार रुपये दे देता है। पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई है कि बैंक खाते से बाहर से पैसे मंगवाने और उसकी निकासी की जाती है। पुलिस जांच में मामला बड़ा हो सकता है।
