नालंदा। बिहार के नालंदा में लड़कियों को बहला फुसलाकर यूपी और कोलकाता से बुलाया जाता था। पहले तो उन्हें डांसर बनाने की बात कही जाती थी। फिर उन्हें अपने कब्जे में लेने के बाद उनसे किराये के मकान में गं’दा काम करवाया जाता था। दे’ह व्यापार का रै’केट चलाने वाले लोगों की चेपट में आ चुकी लड़कियों ने इस घि’नौनी जा’ल से निकलने का फैसला किया और इसकी जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने का’र्रवाई करते हुए पांच लोगों को गि’रफ्तार कर लिया। इसके साथ ही देह व्यापार की चपेट में आ चुकी तीन लड़कियों को भी मुक्त कराया।
पुलिस ने देह व्यापार का धं’धे को संचालित करने वाले गि’रोह का प’र्दाफाश किया है। पू’छताछ में यह बात सामने आई है कि गि’रोह के लोग कोलकाता और उत्तर प्रदेश से लड़कियों को नृत्य कार्यक्रम में काम करने के नाम पर बहला फु’सलाकर लाते थे। उसके बाद उन लड़कियों से गं’दा काम करवाया जाता था।
इस बाबत पर्यटक थाना राजगीर की बाल कल्याण सह महिला डेस्क पुलिस पदाधिकारी माया कुमारी यादव ने बताया कि इस मामले में तीन लड़कियों को रामहरिपिंड तथा गिरियक रोड स्थित शिव स्थान के किराए के मकान से मुक्त कराया गया है। जिसमें से दो पश्चिम बंगाल के कोलकाता तथा एक यूपी के गोरखपुर की थी। वहीं इस मामले में दो मकान मालिक सहित कुल सात लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है।
देह व्यापार के लिए बहला फुसलाकर कर लाए गए पांच लोगों को गि’रफ्तार कर जे’ल भेज दिया गया है। जिसमें श्री नाथ कुमार उर्फ रामलाल, सूरज कुमार, अनिल यादव, दुर्गानंद, दीपक कुमार उर्फ दीपू शामिल हैं।
वहीं मकान मालिकों में रामहरिपिंड के संटू कुमार तथा गिरियक रोड स्थित शिव कालोनी निवासी गणेश कुमार शामिल हैं। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि झां’से में फं’साकर लाए गए इन लड़कियों ने मोबाइल फोन पर अपनी आपबीती सुनाते हुए पुलिस को सूचना दी। तब उनके बताए गए ठिकानों पर छा’पेमारी की गई।
