बिहार के बेगूसराय से दिल्ली ले जा रहे चाइल्ड ट्रैफिकर को राजकीय रेलवे पुलिस ने यहां कानपुर सेंट्रल पर गिरफ्तार कर लिया। दो बच्चों को भी बरामद किया गया जिन्हें दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कारखानों में काम करने के लिए ले जाया जा रहा था।

जीआरपी को सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 15483 सिक्मिम महानंदा एक्सप्रेस में कुछ चाइल्ड ट्रैफिकर हैं को कटिहार से बच्चों को लेकर पुरानी दिल्ली जा रहे हैं। इंस्पेक्टर जीआरपी के पास बच्चों की फोटो भी आ चुकी थी। यह ट्रेन जैसे ही कानपुर सेंट्रल पर 1:20 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची हर कोच की छानबीन जीआरपी ने शुरू कर दी।

मेरी सहेली ड्यूटी में तैनात कांसटेबल खुश्बू को भी टीम में रखा गया था ताकि बच्चों को आसानी से संभाला जा सके। सर्च अभियान में कोच नंबर एस-8 के बर्थ नंबर 49-56 वाली केबिन में ऊपर वाली बर्थ पर दो बच्चे बैठे मिले।

संदेह होने पर साथ में बैठे व्यक्ति से पूछताछ हुई तो उसने अपना नाम मो. जुबेर निवासी मेघौना थाना अलौली जिला बागदिया बताया। 12 वर्षीय दो बच्चों में एक का नाम गौतम सदा पुत्र बसंत व प्रभाकर पुत्र मनोज निवासी बांक थाना डंडारी जिला बेगूसराय था।

मो. जुबेर व बच्चों को ट्रेन से उताकर जब पूछताछ शुरू हुई तो बात साफ हुई। जुबेर ने बताया कि वह कई वर्षों से यह काम कर रहा है। उसके साथ कई लोग हैं।

कुछ लोग दिल्ली में इंतजार कर रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जुबेर को किशोर न्याय एक्ट और बाल प्रतिषेध अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों बच्चों को आरपीएफ पोस्ट पर महिला कांसटेबल की देखरेख में रखा गया है। इन्हें समय से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया जाएगा