भोजपुर में थैले में बेटी का जला हुआ पैर लेकर एक पिता थाने पहुंचा। पिता रो-रोकर बस एक ही बात कह रहा- मुझे न्याय चाहिए। इस थैले में मेरी बिटिया के पैर हैं। बाकी तो ससुराल वालों ने जला दिया। जब तक मैं पुलिस लेकर पहुंचता उसे पूरा ही जला दिया। उसका एक पैर बचा था। पुलिस की मदद से उसे ही समेट पाया। पैरों की बिछिया और पायल से ही पहचान पाया कि ये मेरी बेटी ममता है।


मामला मुफस्सिल थाना के बरौली गांव का है। जहां सोमवार की रात अखिलेश बिंद की बेटी ममता को उसके पति और ससुर ने मार डाला। पहले शव को बालू में दफनाया। बाद में सबूत मिटाने के लिए शव को जला दिया। जब तक अखिलेश पुलिस को लेकर पहुंचे, डेड बॉडी जल चुकी थी। केवल बाएं पैर का थोड़ा हिस्सा बचा था। जिसे लेकर मजबूर पिता थाने पहुंचा। गुरुवार को इस पैर को पटना में डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया। मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।


एक साल पहले हुई थी शादी
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल मई में ही ममता की शादी हुई थी। थोड़े समय बाद से ही एक लाख और देने की डिमांड होने लगी। सुसरालवालों का कहना था-लड़का व्यवसाय करना चाहता है। लड़की के परिजन पैसे नहीं दे सके तो सोमवार देर रात पति शत्रुघ्न बिंद और ससुर राम प्यारे बिंद ने ममता की हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव को सारीपुर विष्णुपुर गांव के सोन नदी के किनारे पहले दफना दिया।

कुछ घंटे बाद बालू से निकालकर शव को जलाने लगे। इसी दौरान ममता के परिजनों को जानकारी मिली। पिता पुलिस के साथ पहुंचे तो आरोपी फरार हो चुके थे। शरीर का बाकी हिस्सा जल चुका था। बायां पैर बचा था। पुलिस ने जांच के लिए उसे ही उठा लिया। उसमें पायल और अंगुली में बिछिया थी। इसी से अखिलेश बिंद अपनी बेटी को पहचान सके।

डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया पैर
भोजपुर के ASP हिमांशु ने कहा कि शव के सत्यापन के लिए डीएनए टेस्ट होगा जिसके लिए शव को पटना फॉरेंसिक लैब भेजा है। जिस सवारी गाड़ी से ममता को बालू में दफनाने के लिए ले गए थे, उसके ड्राइवर को लोगों ने पकड़ा है। वह हिरासत में है। उससे पूछताछ हो रही है।

पहले बालू में दफनाया, फिर निकालकर जलाया
ममता देवी के पिता अखिलेश बिंद और बड़े मामा बिगन बिंद ने बताया कि ममता ने दो दिन पहले भी अपनी मौसी से फोन पर बताया था कि उसका पति और ससुर राम प्यारे एक लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। पैसे नहीं थे, इसलिए नहीं दे सके। जिसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने हत्या कर शव जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। शव जलाने के लिए सवारी गाड़ी किराये पर लेकर बालू घाट गए। वहां शव को पहले बालू में दबा दिया। फिर ड्राइवर को भगा दिया। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने शव को बालू से निकालकर जला दिया।