मुजफ्फरपुर। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित 23 नेताओं का अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-प्रथम विकास मिश्रा के विशेष कोर्ट (एमपी/ एमएलए) में आत्मसमर्पण के बाद जमानत मिली । मामला 2014 में मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के निकट ट्रैक जा’म कर ट्रेन रो’कने का है।

सुप्रीम कोर्ट के स’ख्त निर्देश के बाद माननीयों के मामले में सुनवाई में ते’जी आनी शुरू हो गई है। जिले में माननीयों के विरुद्ध अधिकांश मामले आदर्श चुनाव आचार संहिता उ’ल्लंघन के हैं। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-प्रथम विकास मिश्रा के विशेष कोर्ट (एमपी /एमएलए मामले) में पिछले दिनों मुजफ्फरपुर के सांसद अजय निषाद व वैशाली की सांसद वीणा देवी आ’त्मसमर्पण कर चुकी हैं।
इन दोनों को विशेष कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया था। दोनों के वि’रुद्ध लोकसभा चुनाव-2019 के चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता उ’ल्लंघन का आरोप है।
शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी आ’त्मसमर्पण करने पहुंंचे। बताते चलें कि सांसद अजय निषाद के वि’रुद्ध सकरा व सांसद वीणा देवी के वि’रुद्ध नगर थाने में प्रा’थमिकी दर्ज कराई गई थी। जिला अभियोजन पदाधिकारी ज्ञानचंद भारद्वाज ने बताया कि विशेष कोर्ट में माननीय के वि’रुद्ध 30 मामले लं’बित हैं।
कई मामले में माननीय कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामलों की सुनवाई में तेजी आ रही है। आठ साल पहले रेल रोको आं’दोलन के तहत मुजफ्फरपुर में ट्रेन रो’कने के आ’रोपित हैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह। कोर्ट में उनके साथ राज्य सरकार के मंत्री रामसूरत राय भी पहुंचे। 23 नेता विशेष कोर्ट के समक्ष आ’त्मसमर्पण करना है।
