पटना एम्स में एक महिला डॉक्टर की प्रसव के लिए हुई सर्जरी के दाैरान पेट में रूई का गोला छोड़ दिया गया। शुक्रवार को पीड़ित महिला डॉक्टर एम्स पहुंचीं। उनका आरोप है कि उनके साथ बदसलूकी की गई। गार्ड से धक्का दिलवाकर बाहर कर दिया गया। फुलवारीशरीफ थाने में दोनों ओर से शिकायत की गई है।


दरअसल, सगुना मोड़ की रहने वाली डॉ. पूजा कुमारी ने थाने में लिखित आवेदन में कहा कि एम्स के गाइनी विभाग की हेड डॉ. हिमाली सिन्हा और उनकी टीम ने 14 सितंबर 2021 काे मेजर ऑपरेशन कर उनकी डिलीवरी कराई, लेकिन डॉक्टर की लापरवाही के कारण ऑपरेशन के दौरान 5.6 सेंटीमीटर का कॉटन पेट में ही छोड़ दिया गया।

इसी बीच मेरा स्टिच खुल गया और मैं फिर से एम्स में भर्ती हो गईं। दोबारा स्टिच देकर डिस्चार्ज कर दिया गया। 8 माह से मेरे पेट में बार-बार इन्फेक्शन हो रहा था। प्राइवेट हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड कराने पर पता चला कि मेरे पेट में कॉटन का टुकड़ा बच्चादानी के पास फंसा है।

मैं डॉ. हिमाली से मिली और सारी बातें बताईं। तभी पुरुष गार्ड आए और मुझे, मेरी मां व बहन को धक्का देकर निकाल दिया। वर्तमान में मैं मसौढ़ी में मेडिकल अफसर के पद पर कार्यरत हूं।

आरोपी सर्जन ने भी पुलिस में की अभद्र व्यवहार की शिकायत
उधर डॉ. हिमाली ने भी डॉ. पूजा के खिलाफ आवेदन दिया है। आवेदन में लिखा है कि वह गाली-गलौज कर रही थीं और उसने मरीज को देखने में बाधा पैदा की। गार्ड से भी बदतमीजी की।

कॉटन छूटने पर डॉ. हिमाली ने कहा कि पेट में कॉटन छूटता ही रहता है। उधर, एमएस डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि अभी भोपाल में हूं। मुझे इस बाबत कोई जानकारी नहीं है। प्रभारी निदेशक डॉ. सौरभ वाष्र्णेय ने कहा कि इस तरह की लिखित शिकायत नहीं आई है और न ही मेरे संज्ञान में है। अगर ऐसी बात है तो जांच होगी। प्रभारी अधीक्षक डॉ. लोकेश तिवारी ने कहा कि लिखित आवेदन नहीं आया है। थानेदार एकरार अहमद ने बताया कि दोनों ओर से लिखित आवेदन आया है। आलाधिकारी से परामर्श कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।