बिहार में अग्निपथ के खिलाफ कथित रूप से छात्रों के भड़काने के आरोप में कोचिंग संचालक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले शिक्षकों पर गाज गिरी है। पटना के मशहूर गुरु रहमान के घर और संस्थान में सोमवार दोपहर पुलिस ने छापेमारी की। हालांकि एम रहमान पुलिस को नहीं मिले। अग्निपथ बवाल में कई शिक्षकों की भूमिका संदिग्ध हैं। वे अंडरग्राउंड हो गए हैं, उनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस गुरु रहमान के कदमकुआं थाना इलाके में जगत नारायण रोड स्थित आवास पर सोमवार को गई। वहां डेढ़ घंटे तक छानबीन की। एसएसपी डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि दानापुर में हुए बवाल के दौरान कुछ उपद्रवी लड़के पकड़े गए थे।

उनके मोबाइल में वीडियो मिले। उनमें रहमान केंद्र सरकार की योजना अग्निपथ पर ट्रेन रोकने और गांधी मैदान से प्रगति मैदान तक आंदोलन करने की बात करते दिख रहे हैं। ऐसे बयानों से अभ्यर्थी आक्रोशित होकर बवाल और तोड़फोड़ करने लगे।

उधर, गुरु रहमान का मोबाइल छापेमारी से कुछ देर पहले तक ऑन था, लेकिन बाद में वह ऑफ आने लगा। हिन्दुस्तान ने उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

छात्रों को उकसाने और बवाल को लेकर कई कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों पर गाज गिरने वाली है। सोशल साइट्स पर वायरल वीडियो को पुलिस खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक दानापुर थाने में निरंजन समेत अन्य शिक्षकों का नाम उपद्रवी छात्रों ने लिया था। सभी की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। कई शिक्षक अंडरग्राउंड हैं।

भड़काऊ भाषण देने का एक वीडियो वायरल हुआ था। रेलवे स्टेशनों व अन्य जगहों पर बवाल के बाद जब पटना पुलिस ने गहन अनुसंधान किया तो ये बातें सामने आयीं। कई उपद्रवियों के मोबाइल में आरोपित शिक्षक के वीडियो मिले हैं। बवाल होने के बाद दानापुर थाने में केस दर्ज किया गया था। इसी सिलसिले में छापेमारी की गयी है। पुलिस की तहकीकात जारी है।