जमुई की एक महिला ओमान के मस्कट शहर में बंधक बन गई है। फंसी महिला लक्ष्मी (30 वर्ष) प्रेग्नेंट भी है। पीड़िता का पति अजय दास ने दिल्ली के पहाड़गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। अजय दास के मुताबिक दलालों के चक्कर में फंस कर उसकी पत्नी ओमान पहुंच गई है। नौकरी का झांसा देकर उसे फंसाया गया है।

25 मई को ही लक्ष्मी को ओमान के मस्कट शहर भेज दिया गया है। परिजनों ने बताया कि लक्ष्मी का मोबाइल और पासपोर्ट भी छीन लिया गया है। इसको लेकर परिवार के लोग परेशान हैं। उसकी तबीयत खराब है। उसे दवा भी नहीं दी जा रही है। लक्ष्मी झाझा थाना इलाके के सुंदरीटांड़ की रहने वाली है।

समस्तीपुर से दिल्ली गई थी
लक्ष्मी समस्तीपुर में बंधन बैंक में काम करती थी। उसका पति अजय दास तमिलनाडु में मजदूरी का काम करता था। लेकिन, आंख की बीमारी के कारण बीते दो साल से वह बेरोजगार है। दो बेटी और एक बेटे के साथ पूरे परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेवारी लक्ष्मी ही उठाती थी। लक्ष्मी के पति अजय दास ने बताया कि मई में अच्छी सैलरी पर नौकरी देने के लिए दिल्ली के पहाड़गंज बुलाया गया था।

दलाल वसीम अख्तर और एक महिला सन्नो सैयद ने उन्हें फोन कर इंटरव्यू के लिए दिल्ली बुलाया था। बेहतर नौकरी की उम्मीद में लक्ष्मी 25 मई को दिल्ली गई थी। वहां दोनों दलाल ने झांसा देकर पहले अहमदाबाद ले गए। फिर फ्लाइट से ओमान भेज दिया।अब परिवार वाले परेशान हैं कि लक्ष्मी घर कैसे लौटेगी। परिजनों के मुताबिक उसका पासपोर्ट भी वहां जब्त कर लिया गया है।

बच्चे कर रहे इंतजार
मोबाइल से बात नहीं हो पा रही थी। फोन छीने जाने से पहले व्हाट्सएप पर उसने बताया था कि वह बीमार है। उसे न तो ठीक से खाना मिल रहा और न दवा। उसके साथ मारपीट भी की जा रही है। तीन छोटे छोटे बच्चे आदित्य (11), मानबी (9), साकची (5) अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। परिजन सरकार से गुहार लगा रहे हैं किसी तरह लक्ष्मी को वापस लाया जाए।

