7 साल के मासूम को गर्म सलाखों से दागा: उल्टी-दस्त होने पर इलाज के नाम पर दिया दर्द

मध्य प्रदेश : रतलाम में 7 साल के मासूम को इलाज के नाम पर गर्म सलाखों से दाग डाला। बच्चे को कुछ दिन पहले उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत हुई थी। परिवार वालों ने इलाज के नाम पर उसे डाम (गर्म सरिए) से दगवा दिया। बच्चा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। फिलहाल पीआईसीयू में उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।

रतलाम से 70 किलोमीटर दूर राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के सालमगढ़ से 7 साल के भरत को एमसीएच अस्पताल लाया गया। पीआईसीयू के डॉ. नावेद कुरैशी ने बताया कि बच्चे को बेहोशी की हालत में लाया गया था।

बच्चे को तेज बुखार, उल्टी और दस्त थे। उसके पैर और हाथ पर डाम यानी गर्म सलाखों पर दागने के निशान हैं। इससे पहले बच्चे का बाल चिकित्सालय में इलाज चला।

बच्चे की मां ने डॉक्टरों को बताया कि बच्चे को उल्टी-दस्त और बुखार था। उसे पहले इलाज के लिए डाम से दागा। आराम नहीं मिलने पर राजस्थान के ही दलोट लेकर गए।

यहां से डॉक्टरों ने एमसीएच अस्पताल ले जाने की सलाह दी। डॉ. कुरैशी के मुताबिक बच्चे की हालत क्रिटिकल है। उसे लगातार झटके आ रहे हैं। फिलहाल, बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया है। हालांकि बच्चे के परिजन खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।

आदिवासी अंचलों में प्रचलित है अंधविश्वास

जानकारी के मुताबिक ग्रामीण-आदिवासी अंचलों में बीमारियों का देशी तरीके से उपचार करने के नाम पर गर्म सलाखों से दागने (डाम लगाने) का जानलेवा अंधविश्वास प्रचलित है। इस वजह से कई मासूम सही उपचार के अभाव में जान गंवा बैठते हैं।

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